फरीदाबाद [बिजेंद्र बंसल]। कांग्रेस पार्टी में नेताओं का असंतोष थमने का नाम नहीं ले रहा है। टिकट आवंटन से पहले नेताओं के बीच टिकट को लेकर रस्साकशी चल रही थी तो अब आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति शुरू हो गई है। बृहस्पतिवार सुबह 9 बजे फरीदाबाद से कांग्रेस प्रत्याशी ललित नागर तिगांव क्षेत्र की सरदारी लेकर लोकसभा चुनाव में समर्थन के लिए राज्य कांग्रेस समन्वय समिति के सदस्य और पूर्व मंत्री महेंद्र प्रताप सिंह के सैनिक कॉलोनी स्थित निवास पहुंचे। यहां महेंद्र प्रताप सिंह के पुत्र विजय प्रताप सिंह ने साफ कहा कि दिल्ली से चंडीगढ़ तक नेताओं में यह चर्चा है कि फरीदाबाद में कांग्रेस का टिकट भाजपा नेता के इशारे पर दिया गया है, इसलिए अब पहले पार्टी हाईकमान या उनका प्रतिनिधि कार्यकर्ताओं के सामने आकर यह सुनिश्चित करे कि यह टिकट किन प्राथमिकताओं के आधार पर दिया गया?

इतना ही नहीं अपने पिता की अनुपस्थिति में विजय प्रताप सिंह ने कांग्रेस प्रत्याशी ललित नागर से यह भी कह दिया कि वे हाईकमान या उनके प्रतिनिधि से टिकट में हुए गोलमाल की बाबत स्पष्टीकरण दिलवाएं। जब तक हाईकमान या उनका प्रतिनिधि उन्हें और पूर्व मंत्री करण सिंह दलाल सहित पूर्व सांसद अवतार भड़ाना और वरिष्ठ नेता यशपाल नागर को टिकट बंटवारे में हुए गोलमाल का जवाब नहीं देता तब तक पार्टी का चुनाव प्रचार परवान नहीं चढ़ेगा। इतना ही नहीं विजय प्रताप सिंह ने यह भी कहा कि वे तो कांग्रेस से बाहर नहीं जा सकते मगर उन्हें पूर्व सांसद अवतार भड़ाना और करण सिंह दलाल को भी मनाना होगा क्योंकि हाईकमान ने इन नेताओं से समन्वय किए बिना टिकट दिया है। ललित नागर ने विजय प्रताप सिंह से कहा कि वे तो सिर्फ भूपेंद्र सिंह हुड्डा के समक्ष ही समस्त वार्तालाप रख सकते हैं। इसी बीच पूर्व सांसद अवतार भड़ाना ने फरीदाबाद से कांग्रेस टिकट बदलवाने को बृहस्पतिवार दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय में डेरा डाले रखा। उन्होंने कई बड़े नेताओं से भी मुलाकात की।

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महेंद्र प्रताप सिंह ने कर दिया था टिकट लेने से इनकार

फरीदाबाद में कांग्रेस टिकट के लिए पूर्व सांसद अवतार भड़ाना, पूर्व मंत्री महेंद्र प्रताप सिंह, वरिष्ठ नेता जेपी नागर, यशपाल नागर सहित ललित नागर के बीच जंग थी। इस दौरान शुरू में महेंद्र प्रताप सिंह चुनाव लड़ने से इंकार कर रहे थे मगर वे यह चाहते थे कि उनके बेटे विजय प्रताप सिंह को टिकट मिल जाए। इसके बाद पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने महेंद्रप्रताप सिंह को स्वयं चुनाव लड़ने के लिए मना लिया। बाद में महेंद्र प्रताप सिंह की बजाए हुड्डा ग्रुप की तरफ से ललित नागर की पैरवी की गई। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा है कि पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा फरीदाबाद में टिकट बंटवारे में अपने पुराने मित्र कृष्णपाल गुर्जर की मदद कर गए। हालांकि खुद भूपेंद्र सिंह हुड्डा और उनके सांसद पुत्र दीपेंद्र हुड्डा इन चर्चाओं को अफवाह और बचकाना हरकत बता रहे हैं मगर यह सही है कि हुड्डा से उनके शासनकाल में दस साल तक गुर्जर के संबंध काफी दोस्ताना रहे थे। सूत्र यह भी बताते हैं कि हुड्डा ने पूर्व सांसद अवतार भड़ाना का टिकट कटवाने के लिए ललित नागर पर दांव इसलिए खेला कि ललित का भाई महेश नागर प्रियंका वाड्रा के पति रॉबर्ट वाड्रा के नजदीकी है। क्योंकि अवतार भड़ाना के टिकट की पैरवी खुद प्रियंका वाड्रा कर रही थीं। ललित का भाई महेश रॉबर्ट वाड्रा की कंपनियों के लिए जमीन खरीद-फरोख्त का काम करता रहा है।

वरिष्ठ नेता कांग्रेस विजय प्रताप सिंह का कहना है कि हम कांग्रेस से बाहर कहीं नहीं जा रहे हैं मगर जो चर्चाएं शहर-देहात में चल रही हैं, उनका निवारण करना जरूरी है। ललित नागर का तो टिकट ही नहीं था, फिर ऐसा क्या कारण बना और किस बड़े नेता ने ललित को चुनाव लड़ने के लिए मोहरा बनाया, ये बातें सामने आनी चाहिए। 

अवतार भड़ाना (पूर्व सांसद) की मानें तो मैं बड़े दिल से कांग्रेस में आया हूं। प्रियंका गांधी के मंच से मैंने उत्तर प्रदेश में भाजपा विधायक पद से इस्तीफा देकर कांग्रेस की सदस्यता ली है। मैं फरीदाबाद में भाजपा की लूट से परेशान लोगों को छुटकारा दिलाने आया हूं। फरीदाबाद मेेरा घर है। मुझे उम्मीद है कि कांग्रेस हाईकमान अभी भी मुझे ही फरीदाबाद से लोकसभा का चुनाव लड़ाएगी।

वहीं, कृष्णपाल गुर्जर (भाजपा, प्रत्याशी) का कहना हैकि मोदी लहर के कारण कांग्रेस नेता पहले तो टिकट लेने से इंकार कर रहे हैं और फिर इस तरह के अनर्गल आरोप लगाकर अपनी निश्चित हार पर पर्दा डालने का प्रयास कर रहे हैं। कांग्रेस नेताओं की हकीकत जनता जानती है। 

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Posted By: JP Yadav

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