नई दिल्ली, जासं। बसईदारापुर स्थित ESI अस्पताल के एक वरिष्ठ चिकित्सक ने हड्डी विभाग में कार्यरत दो रेजिडेंट चिकित्सकों से अभद्र व्यवहार व करियर बर्बाद करने की धमकी देने से जुड़ा मामला सामने आया है। इस संबंध में रेजिडेंट चिकित्सक एसोसिएशन ने चिकित्सा अधीक्षक से कार्रवाई की मांग की है। ऐसा न करने पर मंगलवार को इस मुद्दे को लेकर हड़ताल करने की चेतावनी दी है।

इस तरह भड़की हिंसा

रेजिडेंट चिकित्सक एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. रोहन कृष्णनन ने बताया कि बृहस्पतिवार को सुबह करीब नौ बजे 11 साल का बच्चा अस्पताल में आया। उसके पैरों में काफी दर्द था, वह पैर को हिला नहीं पा रहा था और उसे काफी तेज बुखार था। मामले की गंभीरता को देखते हुए मरीज का तुरंत एमआरआइ कराना जरूरी समझा गया, ताकि मरीज की सही दिशा में जांच जल्द शुरू की जा सके। अस्पताल में एमआरआइ की सुविधा काफी समय से ठप होने के कारण मरीज को निजी अस्पताल में रेफर करने की प्रक्रिया शुरू की गई। नियमानुसार रेफर करने से पूर्व ऑनलाइन पी-1 नामक फॉर्म भरना आवश्यक है।

वरिष्ठ डॉक्टर ने क्यों की बदसलूकी

सर्वर डाउन होने के कारण डॉ. शरद वह ऑनलाइन फॉर्म भरने में असमर्थ रहे, लेकिन आपातकालीन स्थिति में वरिष्ठ चिकित्सक बिना फॉर्म के भी मरीज को रेफर कर सकते हैं। डॉ. शरद वरिष्ठ चिकित्सक के पास मरीज को रेफर कराने के लिए पहुंचे, पर उन्होंने साफ मना कर दिया। दिन में तीन बजे डॉ. शरद व डॉ. रोहन दोनों फिर उनके पास पहुंचे।

आरोप है कि इस पर वरिष्ठ चिकित्सक भड़क गए और उन्होंने दोनों रेजिडेंट चिकित्सकों के साथ अभद्र व्यवहार किया। इस बाबत अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. दीपक कुमार ने बताया कि इस मामले की जानकारी मेडिकल कमिश्नर को दे दी गई है और दोनों पक्षों से इस संबंध में बात की जा रही है।

Posted By: Pooja Singh

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस