नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ जामिया के बाद मंगलवार को जाफराबाद में भी भीड़ हिंसा पर उतारू हो गई। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया। हिंसक घटना में 22 लोग घायल हैं। इसमें दस से अधिक पुलिसकर्मी हैं। पुलिस ने पांच लोगों को पत्थरबाजी और उपद्रव करने के आरोप में हिरासत में लिया है। इस मामले में पुलिस ने दो मामले दर्ज किए गए हैं। ये मामले जाफराबाद और सीलमपुर पुलिस थाने में दर्ज किए गए हैं। 

बता दें कि मंगलवार को यहां पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बीच अचानक पत्थरबाजी शुरू हो गई। बसों सहित सड़क पर खड़े कई वाहनों में तोड़फोड़ शुरू हो गई। देखते-देखते भीड़ ने पुलिस चौकी में पथराव शुरू कर दिया। मोटरसाइकिलों को आग के हवाले कर दिया।

पुलिस पर भीड़ ने किया पथराव

प्रदर्शनकारियों पर काबू पाने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया तो भीड़ को आसपास के कॉलोनियों से सभी समर्थन मिल गया। लोग छतों से पथराव करने लगे। इसके बाद पुलिस आंसू गैस के गोले छोड़े। लेकिन पुलिस बल कम होने के कारण भीड़ हावी होने लगी। इसके बाद रिजर्व पुलिस बल के साथ दूसरे जिले से भी पुलिसकर्मियों को मौके पर बुलाना पड़ा। करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद स्थिति पर नियंत्रण पाया जा सका। 

कांग्रेस नेता ने किया था विरोध प्रदर्शन

जानकारी के मुताबिक कांग्रेस के पूर्व विधायक चौधरी मतीन अहमद की तरफ से नागरिकता कानून के खिलाफ मंगलवार दिन में करीब 1:00 बजे रैली का आयोजन किया गया। इसके लिए पुलिस से अनुमति भी ली गई थी। यह रैली ब्रह्मपुरी रोड से सीलमपुर होते हुए जाफराबाद रोड की तरफ बढ़ रही थी। कुछ पुलिसकर्मी रैली की सुरक्षा में लगे हुए थे। इस बीच पता चला कि जाफराबाद थाने के बाद बाहर प्रदर्शन शुरू हो गया। इसके बाद वेलकम की तरफ से भी भीड़ जाफराबाद रोड पर पहुंचने लगी। इसे देखते हुए पुलिस ने सीलमपुर मार्केट की लाल बत्ती पर जाफराबाद रोड पर ही प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेड लगा दिए।

अचानक हिंसक हुई भीड़

जाफराबाद और वेलकम के प्रदर्शनकारी लाल बत्ती के पास जमा हाे गए। करीब एक से डेढ़ बजे तक यहां शांतिपूर्ण प्रदर्शन चला। डेढ़ बजे जैसे ही प्रदर्शनकारी हटने लगे, तभी कुछ युवकों ने पास में खड़ी एक कलस्टर और एक निजी बस में तोड़फोड़ शुरू कर दी। देखते हुए कुछ लोगों ने पुलिस की तरफ पत्थर भी फेंकने शुरू कर दिए। पुलिस को इसकी आशंका नहीं थी। इस वजह से पुलिस बल भी मौके पर कम था। पथराव की सूचना मिलते ही अतिरिक्त पुलिस बल को मौके पर भेजा गया लेकिन तब तक भीड़ हिंसक हो चुकी थी। सड़क पर बने सीलमपुर पुलिस चौकी में घुसकर तोड़फोड़ शुरू कर दी। इसके बाद वहां खड़ी मोटरसाइकिलों में आग लगाने के साथ-साथ कुछ कारों के शीशे भी तोड़ने लगे। पुलिस बल ने भीड़ को रोकने के लिए लाठीचार्ज किया तो वेलकम और जनता कॉलोनी में छतों पर से लोग ईंट के टुकड़ने फेंकने लगे।

ऐसे में पुलिसकर्मियों को चोटें लगीं और भीड़ हावी हो गई। भीड़ ने पुलिस बल को पीछे धकेल दिया। बाद में रिजर्व पुलिस बल मौके पर पहुंची। आंसू गैस के गोले छोड़े जाने लगे। पुलिस की तरफ से हवा में गोलियां भी चलाईं गईं। इसके जवाब में जनता कॉलोनी से भी कुछ लोगों ने हवा में गोलियां दागीं। दोपहर करीब साढ़े चार बजे के बाद उपद्रवी हटने लगे। इसके बाद स्थिति पर नियंत्रित हुई।

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Posted By: Mangal Yadav

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