फरीदाबाद, जेएनएन रिश्तों में मतलब और मक्कारी किस कदर हावी हो चुकी है, इसकी बानगी शुक्रवार को सामने आए दो मामलों से मिलती है। एक मामले में लिव-इन पार्टनर एक साल तक युवती से शारीरिक संबंध बनाता रहा। युवती गर्भवती हुई तो उसने पीछा छुड़ाने की जुगत भिड़ानी शुरू कर दी। उसने युवती का जीवन भी खतरे में डाल दिया।
वहीं एक अन्य मामले में दूर का रिश्तेदार युवती से शारीरिक संबंध बनाता रहा। घर में फिसलकर गिरने पर युवती का गर्भपात हुआ तो परिवार वालों का इसका पता चला, अब वह युवक भी जिम्मेदारी लेने से पीछे हट रहा है। दोनों ही मामलों में पुलिस जांच में जुटी है।

केस एक - लिव-इन रिलेशनशिप में हुआ शोषण
बल्लभगढ़ क्षेत्र की एक कॉलोनी में रहने वाली 25 वर्षीय युवती ने बताया कि शादी के कुछ समय बाद ही उसके पति की सड़क हादसे में मौत हो गई थी। इसके बाद उसकी मुलाकात एक युवक से हुई। उसने युवती को शादी का वादा किया। दोनों बल्लभगढ़ में ही किराए पर लिव-इन रिलेशनशिप में रहने लगे।

करीब एक साल साथ रहने के बाद अब युवती गर्भवती हुई। इस संबंध में लिव-इन पार्टनर को बताया तो उसने बच्चे की जिम्मेदारी लेने से साफ इंकार कर दिया। वह युवती पर गर्भपात का दबाव डालने लगा। युवती ने गर्भपात से साफ इंकार किया।

आखिर तीन-चार दिन पहले उसने चाय में गर्भपात की दवा मिलाकर युवती को पिला दी। इससे युवती की तबीयत बिगड़ गई। गर्भपात हो गया, लेकिन आधा भ्रूण युवती के पेट में ही रह गया। उसने परिवार वालों को बताया तो वे उसे अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने काफी उपचार के बाद युवती की जान बचाई। अब उसने लिव-इन पार्टनर पर दुष्कर्म व गर्भपात की शिकायत दी है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।

केस दो - दूर का रिश्‍तेदार कर रहा था शोषण
बल्लभगढ़ क्षेत्र की एक कॉलोनी में बृहस्पतिवार को 17 वर्षीय किशोरी घर में पैर फिसलने पर गिर पड़ी। उसके पेट में तेज दर्द हुआ तो परिजन अस्पताल लेकर पहुंचे। जांच में पता चला कि किशोरी चार महीने की गर्भवती है और पेट में उसका भ्रूण मर चुका है।

इससे परिजनों के पैरों तले से जमीन खिसक गई। डॉक्टरों ने किशोरी का गर्भपात किया, जिससे उसकी जान बच सकी। होश में आने पर किशोरी ने बताया कि दूर का रिश्तेदार उसे डरा धमकाकर दुष्कर्म करता था।

परिजनों ने उस युवक से बात कर किशोरी से शादी करने को कहा तो उसने साफ इंकार कर दिया। अब परिजनों ने उसके खिलाफ शिकायत दी है। भ्रूण का डीएनए भी सुरक्षित रख लिया है, ताकि आरोपित से उसका मिलान कराया जा सके।