नई दिल्ली [विनय तिवारी]। 26 जनवरी को दिल्ली के लाल किले पर हुए उपद्रव के मामले में दिल्ली पुलिस ने 5 लोगों पर एक लाख रूपये का इनाम घोषित किया था। इसमें से दो लोग पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं। अभी भी तीन लोग फरार है। इसमें एक नाम लक्खा सिधाना का भी है। दिल्ली पुलिस ने पंजाबी अभिनेता दीप सिद्धू, जुगराज सिंह, गुरजोत सिंह व गुरजंत सिंह पर एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था, बाद में इसमें लक्खा का भी नाम जोड़ दिया गया और उस पर भी इनाम घोषित किया गया। 

इसके अलावा जगबीर सिंह, बूटा सिंह, सुखदेव सिंह व इकबाल सिंह पर 50-50 हजार रुपये इनाम की घोषणा की थी। दीप सिद्धू, इकबाल सिंह व सुखदेव सिंह को दिल्ली पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। पांच अन्य उपद्रवियों की तलाश जारी है। इनमें लक्खा सिधाना का नाम भी शामिल है। जानकारी के अनुसार पंजाब में लक्खा के खिलाफ 20 आपराधिक मामले दर्ज थे, इन सभी में वो बरी भी हो चुका है। इससे पहले ही लक्खा सिधाना ने दिल्ली पुलिस को इंटरनेट मीडिया से चुनौती देते हुए कहा था कि वह 23 फरवरी को बठिंडा के मेहराज में रोष रैली शामिल होगा। पुलिस उसे गिरफ्तार करके दिखाए। 

बठिंडा जिले के गांव मेहराज में लक्खा सिधाना द्वारा ही रोष रैली का आयोजन किया गया था। पहले ये कयास लगाए जा रहे थे कि दिल्ली पुलिस ने उस पर एक लाख का इनाम रखा हुआ है तो शायद ही वो इसमें पहुंचे। कहीं ऐसा न हो कि वो रैली में शामिल होने के लिए यहां आए और पुलिस उसे गिरफ्तार कर लें। दरअसल, 26 जनवरी को दिल्ली में हुई हिंसा मामले में लक्खा सिधाना वांछित है। पुलिस की कई टीमें वांछित लोगों को पकड़ने के लिए छापेमारी कर रही हैं।

रैली में शामिल होने के बाद लक्खा ने मंच से ही भीड़ को संबोधित भी किया, उसने लोगों के सामने अपनी बात रखी। लक्खा ने कहा जो लोग यह बोल रहे हैं कि दीप सिद्धू किले पर कैसे पहुंच गया। केंद्र से मिला होगा। लक्खा ने कहा दीप सिद्धू अपने दम पर किले पर गया था। उन्होंने कहा कि भले ही दिल्ली पुलिस पंजाबियों पर कितने ही मामले दर्ज कर लें। उनके सिर पर इनाम रख लें, लेकिन लोगों के रोष को रोका नहीं जा सकेगा, क्योंकि यह मामला किसी व्यक्ति विशेष का नहीं बल्कि पंजाबियों के वजूद का है।

लक्खा ने ये भी कहा कि वह संयुक्त किसान मोर्चा से अलग प्रोग्राम या कोई एजेंडा लेकर नहीं चला है। किसान संगठनों द्वारा दिए जाने प्रोग्राम पर ही कायम है। इसीलिए यह रैली की गई है। लक्खा ने कहा कि अगर दिल्ली पुलिस किसी किसान, किसी मजदूर या फिर किसी नौजवान को गिरफ्तार करने के लिए किसी भी गांव में आती है तो गांव के गुरुद्वारे में अनाउंसमेंट कर दिल्ली पुलिस का घेराव किया जाएगा, किसी को भी गिरफ्तार करने नहीं दिया जाएगा।  

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