नई दिल्ली/गाजियाबाद, आनलाइन डेस्क। दिल्ली-उत्तर प्रदेश के गाजीपुर बार्डर पर पिछले एक साल से चल रहा किसान आंदोलन अब पूरी तरह से समाप्त हो गया है। बैरिकेडिंग हटने के बाद यूपी गेट पर शुक्रवार से वाहन रफ्तार भरने लगे हैं। अगले कुछ दिनों के दौरान यहां पर लोगों की जिंदगी सामान्य हो जाएगी, लेकिन कुछ ऐसे लोग भी हैं जो अनजाने और अनचाहे ही आंदोलन से जुड़े थे और अब उन्हें यहां से किसानों के जाने का मलाल है। दरअसल, आसपास की झुग्गियों में रहने वाले और यहां पर लगने वाले लंगर से खाना खाने वाले बच्चे भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के यहां से जाने से परेशान और दुखी हैं। गरीबी में गुजर बसर करने वाले बच्चे लंगर का स्वादिष्ट खाना भूल नहीं पा रहे हैं। ऐसे में अब उन्हें किसान आंदोलन के वे दिन याद आ रहे हैं, जब वे यहां पर भरपेट खाना खाते थे। बता दें कि राकेश टिकैत फुर्सत मिलने पर कूड़ा बीनने वाले बच्चों को पढ़ाते भी थे।

दिनभर दो-जून की रोटी की तलाश में कूड़ा बीनते-बीनते बड़े होते बच्चों का तकरीबन पूरा दिन किसान आंदोलन स्थल पर ही बीतता था। ये देश के वे सितारे हैं जिनके नन्हे हाथ चाहकर भी चांद-सितारे छूने की केवल तमन्ना भर ही कर सकते हैं। एक साल पंद्रह दिन तक इन बच्चों ने अपना मूल पेशा कूड़े-करकट से पन्नी-गत्ता व अन्य सामान ढूंढ़ना तो नहीं छोड़ा, लेकिन इतना अवश्य हुआ कि सुबह से शाम तक भरपेट खाना इन्हें जरूर नसीब हुआ। जो मन आया जीभर कर खाया। लंगर और भंडारे से कभी भी इन्हें निराश नहीं लौटना पड़ा। 

सोमवार को गाजीपुर बार्डर पर हाईवे पर लगे लंगर का आखिरी दिन था और ये मायूम रोज की भांति पेट की आग शांत करने में जुटे थे। पूछने पर मुस्कान भरे चेहरे से बस यही कहते रहे कि अब यहां तो खाना नहीं मिलेगा, घर से ही खाकर निकलेंगे। बताते हैं कि ऐसा खाना कभी नहीं खाया। घर में या तो रोटी-सब्जी मिलती है या दाल-भात। कभी-कभी केवल नमकीन रोटी। कहते हैं कि यहां की याद तो आएगी। खराब लग रहा है। यहां कभी भगाया गया या दुत्कारा गया के सवाल पर कहते हैं कि यहां सभी लोग बहुत भले थे। दाड़ी और पगड़ी वाले अंकल कभी नहीं भगाते थे। घर ले जाने के लिए भी दे देते थे। 

बच्चों को फुर्सत में पढ़ाते थे राकेश टिकैत

किसान नेता राकेश टिकैत ने आंदोलन के दौरान जब भी फुर्सत मिली तो गाजीपुर बार्डर पर पाठशाला लगाई। इस दौरान कूड़ा बीनने वाले बच्चों को गिनती और पहाड़े सिखाए। पूरे मामले का वीडियो और तस्वीरें वायरल होने पर लोगों ने राकेश टिकैत की तारीफ भी की थी। 

Edited By: Jp Yadav