नई दिल्ली, जेएनएन। वर्ष 2015 में ऐतिहासिक जीत के साथ दिल्ली की सत्ता हासिल करने वाली आम आदमी पार्टी (AAP) के मुखिया अरविंद केजरीवाल और हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर के बीच इन दिनों जुबानी जंग छिड़ी हुई है। ताजा घटनाक्रम में अरविंद केजरीवाल को ट्वीट कर मनोहर लाल पर इशारों-इशारों में हमला बोला है।राजनीति के जानकारों की मानें तो यह सारी कवायद अगले साल होने वाले हरियाणा विधानसभा चुनावों को लेकर है। इसके अलावा, पिछले तीन साल से दिल्ली में सत्ता चलाने वाले सीएम अरविंद केजरीवाल के इस कदम के पीछे उनकी महत्वाकांक्षा भी है। कहा भी जा रहा है कि दोनों मुख्यमंत्रियों के बीच चल रहे इस से मात के खेल में बेशक सियासी गंभीरता ना हो लेकिन इनको लेकर हरियाणा की चौपालो पर चर्चा जरूर शुरू हो गई है।

दरअसल, 2019 में लोकसभा चुनाव के कुछ महीने बाद ही हरियाणा में विधानसभा चुनाव भी होना है। हरियाणा अरविंद केजरीवाल का गृह राज्य है और वे मूलरूप से प्रदेश के हिसार जिले के रहने वाले हैं। ऐसे में केजरीवाल की कोशिश है कि वह हरियाणा विधानसभा चुनाव में भी दिल्ली की तरह ही उलटफेर कर दें। 

...इसलिए बार-बार मनोहर लाल पर हमले कर रहे केजरीवाल
राजनीति के जानकारों की मानें तो अरविंद केजरीवाल अगले साल होने वाले हरियाणा विधानसभा चुनाव को बेहद संजीदगी से ले रहे हैं। केजरीवाल हरियाणा में दिल्ली की ही तरह कोई पैंतरा आजमाना चाहते हैं, जिससे वे इंडियन नेशनल लोकदल, कांग्रेस और भाजपा को मात देते हुए प्रदेश में सरकार बना लें। इसके पीछे तर्क यह दिया जा रहा है कि चौटाला परिवार की आपसी लड़ाई में इनेलो कमजोर हो चुकी हैै, कांग्रेसी की हालत खस्ता है और भाजपा सरकार को लोगों की नाराजगी का खामियाजा उठाना पड़ सकता है। ऐसे में आम आदमी पार्टी हरियाणा के लोगों के लिए एक विकल्प के तौर पर उभरना चाहती है।

एक पत्र से छिड़ी जुबानी जंग
बताया जा रहा है कि दिल्ली और हरियाणा के मुख्यमंत्रियों के बीच शुरू हुई जुबानी जंग की वजह एक खत भी है, जिसे कुछ समय पहले सीएम केजरीवाल ने लिखा था। हुआ यूं कि अरविंद केजरीवाल ने मनोहर लाल को पत्र लिखकर दिल्ली में बने मोहल्ला क्लीनिक का मुआयना करने का न्योता दिया है। अब सीएम मनोहर लाल खट्टर के पाले में गेंद है और सबकी निगाहें इस बात पर हैं कि मनोहर लाल मोहल्ला क्लीनिक देखने आते हैं या नहीं?

केजरीवाल के हरियाणा के एक दौरे ने बढ़ाई राजनीतिक सरगर्मी
बता दें कि अरविंद केजरीवाल ने अक्टूबर महीने में हरियाणा के स्कूलों का दौरा किया था। इस दौरे के बाद सीएम केजरीवाल और मनोहर लाल में दिल्ली व हरियाणा के सरकारी अस्पतालों व स्कूलों को लेकर जुबानी जंग के बाद तलवार खिंच गई थी, जो अब तक जारी है और इसके आगे भी जारी रहने के आसार हैं। 

मनोहर लाल ने मोहल्ला क्लीनिक को 'हल्ला क्लीनिक' कहा था
उधर, सीएम केजरीवाल के दौरे के बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने दिल्ली के मोहल्ला क्लीनिक को 'हल्ला क्लीनिक' बताया था। दिल्ली के सीएम ने हरियाणा के सीएम द्वारा मोहल्ला क्लीनिक को हल्ला क्लीनिक कहे जाने पर आपत्ति दर्ज करवाते हुए कहा है कि आप मोहल्ला क्लीनिक का औचक निरीक्षण करें और मैं हरियाणा की कुछ डिस्पेंसरी का औचक निरीक्षण करने के लिए आता हूं। इस पर अरविंद केजरीवाल ने हिसार दौरे के दौरान मनोहर लाल को चुनौती दी थी कि वह किसी भी समय दिल्ली आकर उनके मोहल्ला क्लीनिक देख सकते हैं। वहीं, मनोहर लाल ने मीडिया के माध्यम से उनकी इस चुनौती को स्वीकार कर लिया था। अब इसी को लेकर अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को ट्वीट कर पूछा है- 'खट्टर साहिब, आपके जवाब का इंतजार है। आप मोहल्ला क्लीनिक देखने कब आ रहे हैं? क्या 12 नवंबर ठीक है? मैं 12 तारीख को हरियाणा डिस्पेंसरी देखने आऊं?'

इससे पहले अरविंद केजरीवाल एक नवंबर को चंडीगढ़ में पत्रकार वार्ता के माध्यम से मनोहर लाल को दिल्ली आने का न्योता दे चुके हैं। इसके बाद उन्होंने मनोहर लाल को एक पत्र लिखकर कहा कि आप दिल्ली के मोहल्ला क्लीनिक देखने के लिए आ रहे हैं। यह देश की राजनीति के लिए शुभ संकेत हैं।

इतना ही नहीं, केजरीवाल ने यह भी कहा था कि आज तक इस देश की राजनीति जाति व धर्म के नाम पर चलती रही है। अब यह बदलेगा। अब जो लोग अस्पताल बनवाएंगे जनता उन्हें वोट देगी न की जाति और धर्म के नाम पर बांटने वालों को। 

यूएनओ के पूर्व महासचिव का जिक्र तक किया केजरीवाल ने
केजरीवाल ने अपने पत्र में कहा था कि इसी साल छह सितंबर को नार्वे के पूर्व प्रधानमंत्री और संयुक्त राष्ट्र के पूर्व महासचिव भी मोहल्ला क्लीनिक देखने आए थे। दोनों ने मोहल्ला क्लीनिक की तारीफ की थी।   

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Posted By: JP Yadav