नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में इस वर्ष मच्छरजनित बीमारियों का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। आलम यह है कि मच्छर जनित बीमारियों को लेकर निगम का दो वर्षों का रिकार्ड तक टूट गया है। इतना ही नहीं अब हर सप्ताह सौ से अधिक मामले दर्ज हो रहे हैं। 10 सितंबर तक 480 मरीज सामने आ चुके हैं। दिल्ली में सर्वाधिक मच्छरजनित बीमारियों का प्रकोप दक्षिणी निगम क्षेत्र में हैं। दक्षिणी निगम मच्छर जनित बीमारियों के आंकड़े संग्रह की नोडल एजेंसी भी है। ऐसे में निगम की मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए क्या योजना है और इतनी बढ़ी संख्या में मामले बढ़ने की वजह क्या है। इन्हीं मुद्दों को लेकर निहाल सिंह ने दक्षिणी निगम के स्थायी समिति के अध्यक्ष लेफ्टिनेंट कर्नल (सेवानिवृत्त) बीके ओबराय से विस्तृत बातचीत की। पेश हैं बातचीत के प्रमुख अंश...। 

डेंगू के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में निगम इसके लिए क्या कर रहा है?

- हर वर्ष सितंबर तक मानसून चला जाता है, लेकिन इस वर्ष अभी तक बरसात हो रही है। अन्य वर्षों की तुलना में इस वर्ष बरसात भी ज्यादा हुई है। अक्टूबर के मध्य में हम पहुंच गए है, इसके बावजूद रविवार को बरसात हुई। जब बरसात होती है तो मच्छरजनित बीमारियों के फैलने का खतरा उतना ही बढ़ जाता है। ऐसे में हम वार्ड स्तर पर जागरुकता अभियान पर जोर दे रहे हैं। हर वार्ड में आटो रिक्शा पर माइक लगाकर लोगों को जागरुक किया जा रहा है। इतना ही नहीं मलेरिया विभाग के कर्मचारियों के साथ हमने उद्यान विभाग के कर्मचारियों को भी लोगों के घर-घर जाकर जागरुक करने पर जोर दिया है। मच्छरजनित बीमारियों से निपटने के लिए जागरुकता अहम है, इसलिए हम इस पर ही जोर दे रहे हैं। बाकि एंटी लार्वा स्प्रे के साथ ही फा¨गग पर भी जोर दिया जा रहा है। सभी पार्षद अपने-अपने क्षेत्र में इसकी निगरानी कर रहे हैं।

बीते वर्षों में इस तरह से मामले नहीं बढ़े थे, लेकिन इस वर्ष कुछ ज्यादा ही मामले सामने आ रहे हैं इसकी वजह से क्या है?

- वजह बरसात ही हैं। वहीं, कोरोना की वजह से कई संस्थान बंद हैं। ऐसे में वहां पर मच्छर पनप रहे हैं। विभाग को ऐसे स्थानों की पहचान उन पर कार्रवाई करने के लिए भी कहा गया है। निगम इस वर्ष जीरो टालरेंस की नीति के तहत कार्य कर रहे हैं। कई पुलिस स्टेशन, स्कूल, अस्पताल और अन्य सरकारी दफ्तरों पर सख्ती से कार्रवाई की है। लगातार यह कार्रवाई चल रही है।

अस्पतालों में लोगों का इलाज हो सके, इसके लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?

- हालांकि स्थिति इतनी भयावह नहीं कि अस्पताल में अतिरिक्त व्यवस्था करनी पड़े। फिर भी विभाग हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार है अस्पताल का विषय दिल्ली सरकार का है। इसलिए उन्हें इसके लिए कार्य करना चाहिए। हम अपने कालोनी अस्पतालों में हर संभव इलाज देंगे। इसके लिए हमारे पास पर्याप्त मात्र में दवाओं का स्टाक है।

 जब स्कूल खुले तो स्कूली बच्चों के माध्यम से इन बीमारियों को लेकर जागरूकता की जाती थी, इस बार स्कूल बंद हैं तो आप किस तरह से लोगों को जागरूक कर रहे हैं?

- यह बात सही है कि स्कूली बच्चे घर पर हैं। ऐसे में उन्हें जागरूकता अभियान में शामिल नहीं किया जा पाया है, लेकिन दैनिक जागरण ने इसकी ओर ध्यान आकर्षित किया है। ऐसे में अब हम आनलाइन कक्षाओं के माध्यम से अभिभावकों को जागरूक करने का कार्य करेंगे। सोमवार को दफ्तर खुलते ही शिक्षा निदेशक को इस संबंध में दिशा-निर्देश देकर स्कूली विद्यार्थियों को जागरूक करने के लिए कहा जाएगा।

 

Edited By: Jp Yadav