नई दिल्ली, आनलाइन डेस्क। दीवाली के बाद बिगड़ी वायु प्रदूषण की स्थिति काबू में नहीं आ रही है। तकरीबन एक महीने से दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण बहुत गंभीर श्रेणी में बना हुआ है। इस बीच दिल्ली की पूर्व विधायक और कांग्रेस की दिग्गज नेता अलका लांबा इशारों-इशारों में केंद्र और दिल्ली सरकार पर हमला बोला है। अलका लांबा ने कटाक्ष भरे अंदाज में ट्वीट किया है - 'आप दिल्ली में रहते हैं और आप अभी तक जिंदा हैं- यही बहुत है आप के लिए।' बता दें कि चांदनी चौक सीट से 5 साल तक विधायक रह चुकीं कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता अलका लांबा अपने बात बेबाकी से रखने के लिए जानी जाती हैं। इसी कड़ी में वह राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक मसलों पर ट्वीट के जरिये केंद्र और राज्य सरकार को घेरती रहती हैं। 

बता दें कि दिल्ली-एनसीआर में मंगलवार को में तेज हवा के चलने से वायु प्रदूषण के स्तर में मामूली कमी दर्ज की गई थी, लेकिन एक दिन बाद ही बुधवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक के अनुसार दिल्ली में वायु प्रदूषण बहुत श्रेणी में है। SAFAR-India के अनुसार, दिल्ली में आलओवर वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) ‘बहुत खराब’ श्रेणी में है। बुधवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक 305 जो बहुत गंभीर श्रेणी में ही आता है।

इस बीच मौसम विभाग की ओर से कहा गया है कि हवा मंद पड़ने से अगले दो दिनों के बीच हवा में प्रदूषण का स्तर और भी ज्यादा बढ़ने का अंदेशा जाहिर किया गया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक भी दिल्ली-एनसीआर के के लोगों को प्रदूषण से भरी जहरीली हवा से अभी राहत नहीं मिलने वाली है।

कांग्रेस ने दिल्ली के सांसदों को प्रदूषण की समस्या संसद में उठाने की मांग की है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अनिल चौधरी का कहना है कि सरकार प्रदूषण की समस्या हल करने में नाकाम साबित हुई है। प्रदूषण की वजह से लोग बीमार हो रहे हैं। समस्या हल करने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि भाजपा व आम आदमी पार्टी (आप) के सासंदों को संसद के शीतकालीन सत्र में राजधानी में प्रदूषण की बिगड़ती हालत को देखते हुए तुरंत चर्चा करें। यह जरूरी है क्योंकि विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली में वायु प्रदूषण की समस्या गंभीर बनी हुई है। आने वाले दिनों में समस्या और बढ़ेगी। इस स्थिति में सांसदों की नैतिक जिम्मेदारी है कि संसद में मामले को उठाकर इसके समाधान के लिए प्रयास करें। संसद में चर्चा करके प्रदूषण की समस्या हल करने के लिए ठोस नीति बननी चाहिए।

उन्होंने दिल्ली सरकार से सभी निर्माण श्रमिकों को तत्काल पांच-पांच हजार रुपये मुआवजा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि महंगाई बढ़ रही है और प्रदूषण की वजह से निर्माण कार्य बंद हैं। इससे निर्माण कार्यों से जुड़े पंजीकृत और गैर पंजीकृत श्रमिक आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। दिल्ली सरकार को इन मजदूरों को राहत देने के लिए कोई रास्ता निकालना चाहिए। इन्हें पंजीकृत भी किया जाना चाहिए।

Edited By: Jp Yadav