नई दिल्ली [जागरण स्पेशल]। देश की राजधानी दिल्ली में एक युवक के सनसनीखेज मर्डर का खुलासा तीन साल बाद हुआ है। त्रिकोणीय प्रेम कहानी (triangle love story) में युवक की हत्या का खुलासा हुआ तो जांच करने वाले पुलिसकर्मियों पैरों तले जमीन खिसक गई। दरअसल, इस शख्स ने अपने भांजे की इसलिए हत्या कर दी, क्योंकि उसे शक था कि उसका भांजा उसकी गर्लफ्रेंड से नजदीकियां बढ़ा रहा है। भांजे से यह शख्स इस कदर खफा हुआ कि उसने उसे मार डाला और फिर पुलिस से बचने के लिए शव को 'फूलों के बिस्तर' में छिपा दिया था। पूरी घटना 2016 की है।

पुलिस के मुताबिक, इस शख्स ने पहले भांजे को मार डाला फिर शव को बालकनी में बने गार्डन में गाड़ दिया और उस पर फूल लगा दिए। प्रेम त्रिकोण में जान गंवाने शख्स का नाम जय प्रकाश था, जबकि मामा का नाम बिजय कुमार महाराणा है। आरोपी मामा को हैदराबाद से गिरफ्तार किया गया था। जब दिल्ली पुलिस बिजय कुमार महाराणा ने सख्ती से पूछताछ की तो उसने सारा राजफाश कर दिया। हैरानी की बात यह है कि यह घटना तकरीबन तीन साल पहले की है। साल 2016 में हुई इस घटना के बारे में किसी को पता नहीं चल सका और अब जाकर इसका राजफाश हुआ है। 

मर्डर में गर्लफ्रेंड का एंगल

पुलिस की मानें तो तीन साल पहले 2015 में भांजा जय प्रकाश अपने मामा बिजय कुमार के पास रहने के लिए दिल्ली में आया था। उस समय बिजय की गर्लफ्रेंड का उसके घर पर आना-जाना था। बिजय ने खुद अपनी गर्लफ्रेंड की बात भांजे जय प्रकाश को बताई थी। बिजय का कहना है कि उसकी गर्लफ्रेंड जब भी घर आती थी तो जय प्रकाश उससे दोस्ती के बहाने नजदीकियां बढ़ाने लगा। इस दौरान बातचीत में भांजे ने मामा की गर्लफ्रेंड का नंबर तक ले लिया। शुरुआत में बिजय ने अपने भांजे जय प्रकाश की बात को नजरअंदाज किया, लेकिन जल्द ही उसे यह खलने लगा कि वह उसकी गर्लफ्रेंड को उससे दूर ले जा रहा  है।

भांजे ने गर्लफ्रेंड को मैसेज किया तो बिगड़ गई बात

बिजय कुमार ने पुलिस पूछताछ में बताया कि भांजा जय प्रकाश समझाने के बाद भी बाज नहीं आ रहा था। यह बात बिजय को पसंद नहीं आई। बिजय की मानें तो सच होते हुए भी जय प्रकाश इस सबसे इनकार करता रहा।

जय प्रकाश उसकी गर्लफ्रेंड से मेसेज पर भी बात करता था, लेकिन इस बारे में पूछे जाने पर उसे मैसेज नहीं दिखाता था।

आपा खोया तो मार डाला भांजे को

बिजय के मुताबिक, गर्लफ्रेंड से भांजे की नजदीकी ने उसे पागल बना दिया था। नाराजगी इस कदर बढ़ गई कि बिजय ने भांजे जय प्रकाश पर पंखे की मोटर से सिर पर वार किया। थोड़ी देर बात जय प्रकाश ने तड़पते हुए दम तोड़ दिया। पुलिस व परिजनों से बचने के लिए इसके बाद उसने शव को बालकनी में बने गार्डन की मिट्टी में गाड़ दिया और फिर उस पर फूल लगा दिए।

हत्या के आरोप से बचने के लिए अपना ये तरीका

पुलिस ने बताया कि बिजय ने खुद पुलिस थाने जाकर भांजे के गुमशुदा होने की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी, इसके पीछे उसका मकसद खुद पर शक होने से बचाना था। हैरानी की बात तो यह थी कि इसके तीन महीने बाद उसने फ्लैट छोड़ दिया और फिर दिल्ली से भी चला गया।

ऐसे हुआ खुलासा

साल 2018 के अक्टूबर में जब फ्लैट के मकान मालिक ने कुछ काम करवाया और गार्डन की मिट्टी निकाली गई तो उसमें कंकाल मिला, साथ में ब्लू जैकेट भी मिली। कंकाल का जब डीएनए टेस्ट किया गया तो उसका जय प्रकाश के डीएनए से मिलान हो गया।

डीसीपी राजेंद्र सिंह के मुताबिक, इंस्पेक्टर राज कुमार के नेतृत्व में टीम ने तीन महीने पीछा करने के बाद आरोपी बिजय को हैदराबाद से पकड़ा था। इस दौरान बिजय ने अपना रूप ही बदल लिया था। हत्या करने के बाद वह आराम से हैदराबाद के एक फर्म में एचआर मैनेजर के तौर पर काम कर रहा था। पुलिस उसे नहीं पकड़ पाए, इसलिए उसने परिवार से सारे रिश्ते खत्म कर लिए थे। 

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Posted By: JP Yadav

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