नई दिल्ली [संतोष कुमार सिंह]। धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पहली भारत गौरव ट्रेन रायायण यात्रा के लिए चलाई जाएगी। पूरी तरह से वातानुकूलित यह विशेष ट्रेन दिल्ली सफदरजंग से 21 जून को रवाना होगी। भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आइआरसीटीसी) द्वारा संचालित यह ट्रेन यात्रियों को प्रभु श्रीराम से जुड़े सभी महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों का दर्शन कराएगी। पूरी यात्रा में कुल 18 दिन लगेंगे। लगभग आठ हजार किलोमीटर की यात्रा होगी।

आठ हजार किलोमीटर की यात्रा

यात्रा का पहला पड़ाव प्रभु श्री राम का जन्म स्थान अयोध्या होगा। वहां से रवाना होकर यह ट्रेन बक्सर जाएगी। बक्सर से ट्रेन सीतामढ़ी पहुंचेगी जहां यात्री जानकी जन्म स्थान का दर्शन करेंगे। नेपाल के जनकपुर स्थित राम जानकी मंदिर का दर्शन भी कर सकेंगे। ट्रेन का अगला पड़ाव भगवान शिव की नगरी काशी होगा। जहां से पर्यटक बसों द्वारा काशी के प्रसिद्ध मंदिरों सहित सीता समाहित स्थल, प्रयाग, श्रृंगवेरपुर, व चित्रकूट की यात्रा करेंगे। इस दौरान काशी प्रयाग व चित्रकूट में रात्रि विश्राम होगा।

ट्रेन का अंतिम पड़ाव तेलंगाना में

चित्रकूट से चलकर यह ट्रेन नासिक पहुंचेगी जहां पंचवटी व त्रयंबकेश्वर मंदिर के दर्शन होंगे। नासिक के पश्चात प्राचीन किष्किंधा नगरी हंपी इसका अगला पड़ाव होगा जहां अंजनी पर्वत स्थित श्री हनुमान जन्म स्थल व अन्य मंदिरों के दर्शन होंगे। रामेश्वरम इस ट्रेन का अगला पड़ाव होगा। वहां से यह ट्रेन कांचीपुरम पहुंचेगी। ट्रेन का अंतिम पड़ाव तेलंगाना के भद्राचलम होगा। यह ट्रेन 18 वें दिन ट्रेन दिल्ली पहुंचेगी।

यात्रा के लिए देना होगा 62370 रुपये शुल्क

यात्रा के लिए प्रति व्यक्ति 62370 रुपये शुल्क देना होगा। इसमें थर्ड एसी का किराया के साथ ही शाकाहारी भोजन, बसों द्वारा पर्यटन स्थलों का भ्रमण, वातानुकूलित होटलों में ठहरने की व्यवस्था, गाइड व बीमा शुल्क शामिल है। यात्री किश्तों में तीन, छह, नौ, 12, 18 व 24 माह में भुगतान कर सकते हैं।

कोरोना से बचाव के नियमों का पालन करना होगा

यात्रा के दौरान स्वच्छता एवं स्वास्थ्य संबंधी नियमों का पालन किया जाएगा। यात्रियों व ट्रेन में तैनात कर्मचारियों के तापमान की जांच व सेनिटाइजेशन की सुविधा उपलब्ध होगी। यात्रा के लिए 18 वर्ष या उससे अधिक आयु वर्ग के प्रत्येक यात्री को कोरोनारोधी टीके की दोनों खुराक लेनी होगी।

Edited By: Prateek Kumar