नई दिल्ली (जेएनएन)। जल पुरुष राजेंद्र सिंह ने पर्यावरण को बचाने के लिए दिल्ली से विजयवाड़ा तक चेतना यात्रा निकालने की घोषणा की है। दिल्ली के प्रेस क्लब में मीडिया से बात करते हुए राजेंद्र सिंह ने कहा कि भारत के विभिन्न राज्यों में पानी के लिए युद्ध हो रहे हैं। आंध्र प्रदेश में अमरावती शहर को कृष्णा नदी के बाढ़ क्षेत्र में बसाए जाने का विरोध करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने वहां के लोगों को डरा-धमकाकर उनकी जमीनों को उजाड़ा है।

उन्होंने कहा कि आधुनिक विकास के नाम पर नदी के बीच बने हुए भूखंड हटाये जा रहे हैं। कृष्णा नदी को बचाने के लिए हम देशभर के पर्यावरण प्रेमी संगठित होकर रचनात्मक कार्य करेंगे और न्यायपालिका से न्याय पाने हेतु संघर्ष करेंगे। विजयवाड़ा के अनमोल गांधी ने बताया कि पांच सौ मीटर के अंदर कृष्णा नदी से अधिग्रहण किया जा रहा है, जो पर्यावरणीय एवं पारिस्थितिकी नियम के विरुद्ध है।

नियमानुसार तीन किलोमीटर तक कोई निर्माण नहीं हो सकता है। सरकार का यह कहना गलत है कि जिस जमीन पर पहले खेती होती थी अब वहां पर खेती बिल्कुल बंद हो गई है और जमीन बंजर पड़ी है। इसी उत्पादक जमीन पर नदी की रेत में सिंगापुर न्यास नया सिटी बनाना चाहता है जबकि भारत में रेत में महल नहीं बनाते हैं और नदी में शहर नहीं बसाते हैं, लेकिन वर्तमान में सरकार प्रकृति के विपरीत काम करके नदी में शहर बसा रही है। एक अन्य पर्यावरण प्रेमी सत्यायु सेट्टी ने कहा कि नेशनल ग्रीन टिब्यूनल (एनजीटी) के निर्णय के विरुद्ध सरकार यह कार्य नदी में कर रही है। इसको लेकर वह एनजीटी के निर्णय की अवमानना को लेकर सुप्रीम कोर्ट का रुख करेंगे।

Posted By: JP Yadav