नई दिल्ली (जेएनएन)। मानसून आने के बाद भी कई दिनों से गर्मी से बेहाल उत्तर भारत के लोगों को बुधवार से राहत मिलेगी। मौसम विभाग के मुताबिक दिल्ली-एनसीआर के साथ-साथ उत्तर प्रदेश, हिमाचल, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, हरियाणा व पंजाब में पांच दिनों तक बारिश होगी।

सोमवार रात से शिमला समेत हिमाचल के कई इलाकों में बारिश शुरू भी हो चुकी है। खराब मौसम के कारण मंगलवार सुबह एयर इंडिया का विमान दिल्ली से धर्मशाला के गगल स्थित कांगड़ा एयरपोर्ट नहीं आ सका। उधर, गर्मी से बेहाल उत्तर प्रदेश में उमस के चलते पांच बच्चे बेहोश हो गए, जबकि महोबा में एक अधेड़ की उल्टी-दस्त के चलते मौत हो गई।

बिजली की मांग सात हजार मेगावाट पहुंची
वहीं, दिल्ली में  भीषण गर्मी की वजह से दिल्ली में बिजली की मांग बढ़ गई है। मंगलवार दोपहर करीब तीन बजे के बाद बिजली की खपत सात हजार मेगावाट के पार पहुंच गई। इससे बिजली वितरण कंपनियों और अधिकारियों की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि जो पूर्वानुमान (सात हजार मेगावाट का) लगाया गया था बिजली की मांग उससे आगे निकल गई। मौसम का मिजाज देखते हुए आने वाले दिनों में इसमें और बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।

मंगलवार दोपहर 3.26 बजे बिजली की मांग 7016 मेगावाट पहुंच गई, जो कि अबतक का रिकॉर्ड है। इससे पहले सोमवार को सबसे ज्यादा मांग 6978 मेगावाट थी। मांग बढ़ने के साथ ही बिजली कटौती भी शुरू हो गई है। कई इलाकों में घंटों बिजली गुल हो रही है। मंडावली, वेस्ट विनोद नगर, खानपुर दुग्गल कॉलोनी, बदरपुर, छतरपुर, कश्मीरी गेट, वाणी विहार, उत्तम नगर, नजफगढ़ रोड, श्याम विहार, ओम विहार, विकासपुरी, कृष्णा पार्क एक्सटेंशन, द्वारका मोड़, विजय विहार, मधु विहार रोड, द्वारकापुरी, बाहरी दिल्ली के इलाकों में घंटों बिजली गुल रहती है।

इस बारे में बिजली कंपनियों का कहना है कि बिजली की कमी नहीं है। अतिरिक्त बिजली की व्यवस्था की गई है और आपूर्ति में कोई परेशानी नहीं होगी। लेकिन, हकीकत यह है कि मांग बढ़ते ही दिल्लीवासी बिजली कटौती से जूझने लगे हैं। लोड बढ़ते ही बिजली गुल हो जाती है। बिजली लाइन में कोई खराबी होने पर उसे ठीक करने में काफी समय लगता है।

इस बारे में बॉम्बे सबअर्बन इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई (बीएसईएस) के प्रवक्ता का कहना है कि कई इलाकों में अतिरिक्त ट्रांसफॉर्मर लगाने की जरूरत है। पूरी दिल्ली में करीब साढ़े सात सौ ट्रांसफार्मर लगाने का प्रस्ताव है। इसमें से लगभग चार सौ ट्रांसफार्मर लग गए हैं। जगह की कमी के चलते अन्य ट्रांसफार्मर नहीं लग सके हैं। जगह के लिए जनप्रतिनिधियों से बातचीत चल रही है। कुछ स्थानों पर डबल डेकर ट्रांसफार्मर भी लगाए गए हैं, लेकिन ऐसा सभी जगह संभव नहीं है।

Posted By: JP Yadav