नई दिल्ली, राज्य ब्यूरो। महिला सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दिल्ली में चलने वाले सभी ऑटो और कैब में अक्टूबर से क्यूआर कोड लगाना अनिवार्य होगा। परिवहन विभाग ने इसे लागू करने के लिए तैयारी पूरी कर ली है। इसकी स्वीकृति के लिए फाइल दिल्ली सरकार के पास भेजी हुई है। अक्टूबर तक हर हाल में इस योजना को लागू कर दिया जाएगा। क्यूआर कोड व्यवस्था को दिल्ली पुलिस के हिम्मत एप से भी जोड़ा गया है। इससे यात्रियों को चालक के बारे में विस्तृत जानकारी हासिल करने में मदद मिलेगी।

कोड को वाहन में सुलभ तरीके से दिखाया जाएगा

परिवहन विभाग ने कैब और ऑटो के लिए क्यूआर कोड को अनिवार्य परमिट शर्त बना दिया है। यह फैसला कुछ माह पहले दिल्ली के राज्य परिवहन प्राधिकरण (एसटीए) की बोर्ड मीटिंग के दौरान किया गया था। बोर्ड ने यह फैसला किया था कि कोड को स्पष्ट और परमिट धारकों के वाहन में सुलभ तरीके से दिखाया जाएगा।

5,000 रुपये जुर्माने का प्रावधान

परिवहन विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि जून से हिम्मत एप के साथ क्यूआर कोड को सभी ऑटो, टैक्सी एवं अन्य सार्वजनिक सेवा वाहनों के लिए अनिवार्य कर दिया जाना था। मगर योजना में विलंब हुआ है। नियम के तहत परिवहन विभाग एक क्यूआर कोड जारी करेगा। चालक को इसे प्रत्येक ऑटो व कैब चालक की सीट के पीछे या ऐसे स्थान पर लगाना होगा कि यह सभी को आसानी से और स्पष्ट नजर आए। जो चालक क्यूआर कोड नहीं लगाएंगे। उन पर 5,000 रुपये के जुर्माने का प्रावधान होगा।

पहले की गई थी शुरुआत

दिल्ली पुलिस ने महिला सुरक्षा के मद्देनजर हिम्मत एप के तहत 2017 में पायलेट प्रोजेक्ट के तहत कुछ वाहनों में इसकी शुरुआत की थी। मगर विस्तृत तौर पर इसे लागू करने के लिए इस योजना में परिवहन विभाग को शामिल किया गया है। इस साल फरवरी में इस एप को अपग्रेड किया गया है जो कैब और ऑटो में क्यूआर कोड स्कैन करने में सक्षम हो गया है।

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