नई दिल्ली, एएनआइ। गृह मंत्रालय ने शनिवार को स्पष्ट किया कि गृह मंत्री अमित शाह और शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों के बीच रविवार को कोई बैठक तय नहीं है। प्रदर्शनकारियों ने दावा किया था कि नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के मसले पर रविवार को उनकी अमित शाह के साथ बैठक होने वाली है।

प्रदर्शनकारियों ने शनिवार को कहा था कि सीएए और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) के मुद्दे पर रविवार को उनकी अमित शाह के साथ बैठक होगी। हालांकि, उन्होने यह भी कहा कि बैठक के लिए उन लोगों ने गृह मंत्री से समय नहीं लिया है।

गृह मंत्रालय ने रविवार को एक बयान में कहा, 'केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ कल कोई इस तरह की बैठक तय नहीं है।' दरअसल, दो दिन पहले अमित शाह ने एक कार्यक्रम में कहा था कि अगर किसी को सीएए पर कोई भ्रम है तो वह उसके साथ बात करने के लिए तैयार हैं।

प्रदर्शनकारियों की संख्या लगातार हो रही कम

शाहीन बाग धरने का नेतृत्व कर रही महिलाओं की संख्या भी लगातार कम होती जा रही है। जामिया के गेट नंबर सात के सामने बैठे प्रदर्शनकारियों में महिलाओं समेत बाहरी लोग ही बचे रह गए हैं। यहां से भी छात्रों की संख्या कम होती जा रही है। दोनों जगह धरने पर बैठे लोगों ने अपने सिर व हाथ पर काली पट्टी बांध रखी है। प्रदर्शन में लोगों की भीड़ नहीं जुट रही है इसलिए जामिया के आगे लगाया गया टेंट भी छोटा कर दिया गया है। शाहीन बाग में प्रदर्शनकारियों की भीड़ जुटाने के लिए हर शाम सीएए व एनआरसी के विरोध संबंधी कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

शाहीन बाग में प्रदर्शन जारी 17 की सुनवाई का इंतजार

दिल्ली विधानसभा चुनाव में शाहीन बाग का मुद्दा पूरी तरह से छाया रहा। करीब दो महीने से आम लोगों के लिए बंद सड़क खुलवाने को लेकर स्थानीय लोगों ने भी प्रदर्शन किए। लोगों को उम्मीद थी कि चुनाव के बाद सड़क पर बैठे लोगों को हटा दिया जाएगा, लेकिन अभी इसके हालात कम ही नजर आ रहे हैं। क्योंकि यह मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। कोर्ट मामले में 17 फरवरी को सुनवाई करेगा। हालांकि डीसीपी दक्षिण पूर्वी ने कहा कि पुलिस प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर मार्ग खुलवाने का प्रयास कर रही है।

 

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