नई दिल्ली [मनीषा गर्ग]। टीकाकरण की जारी कमी के बीच पश्चिमी जिला प्रशासन ने एक विशेष पहल के तहत आनंद पर्वत पुलिस स्टेशन के पास 16 एकड़ जमीन पर बसे कठपुतली ट्रांसजिट कैंप में 45 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए टीकाकरण शिविर का आयोजन किया है। जहां बिना किसी पंजीकरण व अप्वाइंटमेंट के लोगों का टीकाकरण कर उन्हें कोरोना संक्रमण के खिलाफ सुरक्षा कवच प्रदान किया जा रहा है। अब तक यहां करीब 500 लोगों का टीकाकरण हो चुका है, जिसमें महिलाओं की संख्या अधिक है।

लोगों के बीच शिविर लगाकर टीकाकरण करना, यह अपने आप में पहला प्रयास है। क्योंकि अभी तक अस्पताल, डिस्पेंसरी, जच्चा-बच्चा केंद्र व सरकारी स्कूलों में ही टीकाकरण की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। हालांकि संक्रमण के बढ़ते खतरे के बीच विभिन्न आरडब्ल्यूए भी चाहती है कि स्वास्थ्य विभाग उनके बीच जाकर उनका टीकाकरण सुनिश्चित करें।

तीन वर्ष पूर्व आनंद पर्वत में स्थानांतरित हुई शादीपुर बस डिपो के पास बसी कठपुतली काॅलोनी में 2,800 परिवार में 21,500 लोग हैं। ये लोग एक समय के नामचीन कठपुतली कलाकार रहे हैं। मनोरंजन के साथ ये कलाकार कठपुतली नृत्य के माध्यम से विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर सामाज को जागरूक करते आए हैं। हालांकि आधुनिक युग में यह परंपरा काफी पीछे छूट गई है। अब इन कलाकारों की युवा पीढ़ी भरण पोषण के लिए शादी व कार्यक्रम में ढोल बजाने, जादूगर का खेल दिखाने, चित्रकारी, अभिनय आदि काम कर रही है।

डीडीए ट्रांसजिट कैंप के निरीक्षक संजय गौर बताते हैं कि संक्रमण की दूसरी लहर से पूर्व प्रशासन द्वारा पिक एंड ड्राप सुविधा के तहत लोगों को वाहन में बिठाकर टीका केंद्र ले जाया जाता था। अब उसे संक्रमण की जद में आने के डर कहे या टीके को लेकर मन मे संशय की ज्यादा लोग केंद्र पर जाकर टीकाकरण कराने से बच रहे थे। इस पर जब प्रशासनिक स्तर पर बात की गई तो उन्होंने कैंप में ही शिविर लगाकर लोगों का टीकाकरण करने की योजना बनाई। अब रोजाना सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक कैंप के अंतर्गत शिविर में लोगों का कोवैक्सिन का टीका लगाया जा रहा है। नियमित रूप से 100 लोगों काे टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि शुरुआती कुछ दिन लक्ष्य से टीकाकरण दूर रहा, पर सोमवार को लक्ष्य के पार जाकर 104 लोगों को टीकाकरण किया गया।

वरिष्ठों ने आगे बढ़कर लिया टीका

संजय गौर ने बताया कि अधिक से अधिक लोग टीकाकरण के लिए आगे आए इसके लिए काॅलोनी के प्रधान व वरिष्ठ लोगों ने सर्वप्रथम आगे बढ़कर टीका कराया और अब लोगों को जागरूक कर रहे हैं कि वे आगे आएं। 11वें राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम द्वारा सम्मानित पूरण भट्ट काॅलाेनी में नामचीन कठपुलती कलाकारों में से एक है। इन्होंने टीकाकरण आगे बढ़कर टीकाकरण करवाया है। इसके अलावा सुबह-शाम स्पीकर की मदद से घोषणाएं भी की जा रही है। खास बात यह है कि टीकाकरण को लेकर महिलाओं में विशेष उत्साह है। एक-दूसरे को देखने के बाद महिलाओं में होड़ लगी हुई है कि उनका भी जल्द से जल्द टीकाकरण सुनिश्चित हो। नल पर जब महिलाएं पानी भरने के लिए एकत्रित होती है तो उनके बीच इन दिनों टीकाकरण ही एकमात्र चर्चा का विषय है

18 से 44 उम्र के लोगों का भी हो टीका

लाकडाउन व संक्रमण के बढ़े खतरे को मद्देनजर रखते कई लोगों ने परिवार में बुजुर्ग माता-पिता को गांव भेज दिया है, ताकि वे वहां सुरक्षित रहे। ऐसे में फिलहाल कालोनी में 45 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों की संख्या कम है। तीन मई से 18 से 44 वर्षीय लोगों का टीकाकरण शुरू हो चुका है, इसलिए कालोनी के लोग चाहते हैं कि 45 वर्ष के साथ अब प्रशासन 18 से 44 वर्षीय लोगों की भी सुध लें और उनके लिए भी कालोनी के अंतर्गत विशेष शिविर का आयोजन करें। 

अभी कठपुतली कालोनी ट्रांसजिट कैंप और तिलक नगर रिक्रिएशन सेंटर में टीकाकरण शिविर लगाने की इजाजत प्रशासन को मिली है। पर धीरे-धीरे इस तरह के और भी प्रयास किए जाएंगे। हमारी कोशिश है कि एक-एक व्यक्ति को टीकाकरण का लाभ मिलें। कठपुतली कालोनी में धीरे-धीरे टीकाकरण अभियान रफ्तार पकड़ रहा है। लक्ष्य के पार जाकर टीकाकरण हो रहा है जो सराहनीय है।

ईशान शर्मा, विशेष कार्य अधिकारी, पश्चिमी जिला