नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। Coronavirus: कोरोना वायरस संक्रमण को देखते हुए तिहाड़ जेल प्रशासन ने तय किया है कि 60 वर्ष से अधिक के कैदियों को आठ हफ्ते की इमरजेंसी पैरोल पर छोड़ा जाए। इस तरह से जेल से 25 से 30 कैदी बाहर आएंगे। तिहाड़ प्रशासन अलग-अलग आधार पर अभी तक 11 सौ कैदियों को पैरोल पर छोड़ चुका है। इमरजेंसी पैरोल ऐसे कैदियों को दी जाती है, जिनको सजा मिल चुकी है। साथ ही कैदी का जेल में व्यवहार अच्छा रहा हो।

जेल अधिकारियों ने बताया कि अभी तक छोड़े गए 11 सौ कैदियों में 60 वर्ष से ज्यादा उम्र के 30 कैदी इमरजेंसी पैरोल के तहत जेल से बाहर आ चुके हैं। उन्होंने कहा कि 60 वर्ष से ज्यादा उम्र के लोगों के लिए कोरोना वायरस ज्यादा घातक हो रहा है। इस कारण जेल प्रशासन ने यह फैसला लिया है।

इसके अलावा जिन कैदियों की सजा पांच साल से कम है और कैदी ने जेल में तीन माह की सजा काट ली है तो ऐसे कैदी को भी पैरोल पर छोड़ा जाएगा। पांच या दस साल की सजा पाए कैदी के लिए छह माह की सजा काटना जरूरी है।

वहीं दस साल से ज्यादा या फिर उम्र कैद की सजा पा चुके कैदी को एक साल की सजा काटने पर ही उसे पैरोल का लाभ दिया जाता है। इसके अलावा कैदी की कोई भी अपील अदालत में लंबित नहीं होनी चाहिए।

गौरतलब है कि पिछले दिनों बाहरी दिल्ली इलाके में स्थित रोहिणी जेल के 15 कैदी कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं। इतना ही नहीं, एक हेड वार्डन भी कोरोना से संक्रमित हो गए हैं।

जेल सूत्रों ने बताया था कि रोहिणी जेल में 19 कैदियों का कोरोना टेस्ट कराया गया था, जिनमें से 15 कैदी पॉजिटिव पाए गए हैं। कोरोना संक्रमित कैदी समेत हेड वार्डन को क्वारंटाइन होम में हैं। 

Posted By: JP Yadav

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