नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। देश की राजधानी दिल्ली में अजब मामला सामने आया है। तिहाड़ जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे एक कैदी को दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) ने अपने लिए जीवनसाथी तलाश करने की इजाजत दे दी है। अब यह कैदी अपने लिए दुल्हन की तलाश कर सकेगा, अब यह अलग बात है कि इससे कौन सी लड़की शादी करना चाहेगी और कब इसको दुल्हन मिलेगी, लेकिन यह मामला चर्चा में आ चुका है। 

यह है पूरा मामला

मिली जानाकारी के मुताबिक, हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे कैदी को दिल्ली हाई कोर्ट ने जीवनसाथी की तलाश करने के लिए पैरोल दे दी। कैदी को पैरोल की अनुमति देते हुए न्यायमूर्ति प्रतीक जालान की पीठ ने कहा कि कैदी के परिवार के सामाजिक संबंध हैं और इन संबंधों को बनाए रखने के लिए उसने पैरोल की मांग की है। पीठ ने कहा कि ऐसा नहीं लगता है कि याचिकाकर्ता की रिहाई से उसके परिवार के सदस्यों को नुकसान होगा। उक्त टिप्पणी करते हुए पीठ ने 25 हजार के निजी मुचलके पर कैदी को पैरोल दे दी।

कैदी का नंबर हर समय रहे चालू

 पीठ ने इसके साथ ही जेल अधिकारियों को निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता व दोषी को रिहा किए जाने के समय और उसके आत्मसमर्पण के समय सभी सावधानी बरती जाएं। पीठ ने कैदी को निर्देश दिया कि वह पंजाबी बाग और सिविल लाइंस थानों के प्रभारियों को अपने मोबाइल फोन नंबर की जानकारी देने और मोबाइल हर समय चालू रखने को कहा। पीठ ने उक्त निर्देशों के साथ कैदी की याचिका का निपटारा कर दिया। याचिकाकर्ता को वर्ष 2005 में एक हत्या के मामले में दोषी ठहराते हुए निचली अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। यहां पर बता दें कि ऐसा पहली बार नहीं हुआ है, बल्कि इससे पहले भी कैदी जेल से बाहर आकर शादी करते रहे हैं।

Posted By: JP Yadav

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