नई दिल्ली, जेएनएन। दिवंगत नेता एनडी तिवारी के बेटे रोहित शेखर तिवारी (40) के शव का पोस्टमार्टम बुधवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में पांच डॉक्टरों के मेडिकल बोर्ड ने किया। संयुक्त आयुक्त (दक्षिणी रेंज) देवेश चंद्र श्रीवास्तव के मुताबिक बोर्ड ने पुलिस को पोस्टमार्टम की प्रारंभिक रिपोर्ट नहीं सौंपी है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारण का पता लग सकेगा।

दोपहर दो बजे उनका शव तिलक लेन स्थित आवास पर ले जाया गया। परिजनों ने शाम को लोधी कॉलोनी स्थित श्मशान घाट पर शव का अंतिम संस्कार कर दिया। पुलिस के मुताबिक, पांच डॉक्टरों के पैनल ने डॉ. आदर्श के नेतृत्व में रोहित के शव का पोस्टमार्टम किया गया। इस दौरान रोहित के परिवार के सभी सदस्य अस्पताल में मौजूद रहे। मोर्चरी के बाहर उनकी गमगीन मां उज्ज्वला शर्मा ने बताया कि राजनीति में मौका नहीं मिलने से रोहित कुछ समय से अवसादग्रस्त थे।

रोहित शेखर की मां ने कहा कि वह काफी काबिल थे और पिता की विरासत को आगे ले जाना चाहते थे। वह संघर्ष करने वाले युवा थे। अगर उन्हें समय पर राजनीति में आने का मौका मिलता को निश्चित तौर पर वह नया आयाम गढ़ते। उन्हें तीन-चार साल पहले मौका मिलना चाहिए था। मुझे आश्चर्य है कि इतने पढ़े-लिखे काबिल बच्चे को राजनीति में मौका क्यों नहीं दिया गया।

उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी षड्यंत्र में फंस गए गए थे। उनके आसपास के लोगों ने उन्हें घेर रखा था, लेकिन रोहित ने उन्हें षड्यंत्र से बाहर निकाल लिया था। इसी वजह से एनडी तिवारी का अंतिम समय शानदार तरीके से गुजरा। रोहित ने श्रवण कुमार की तरह पिता की सेवा की। मोर्चरी के बाहर रोहित की पत्नी अपूर्वा शुक्ला, भाई सिद्धार्थ तिवारी व परिवार के अन्य रिश्तेदार भी मौजूद थे।

डिफेंस कॉलोनी स्थित घर में मंगलवार दोपहर संदिग्ध परिस्थितियों में रोहित की मौत हो गई थी। उस दौरान उनकी पत्नी, भाई व घरेलू सहायक घर पर मौजूद थे। उज्ज्वला शर्मा घर के नजदीक ही डॉक्टर के पास गई थीं। घरेलू सहायक की नजर रोहित पर पड़ने पर उसने तुरंत परिजनों को घटना की जानकारी दी थी। इसके बाद डिफेंस कॉलोनी थाना पुलिस को सूचना दी गई।

बिस्तर पर अचेत अवस्था में पड़े रोहित की नाक से खून निकल रहा था। उन्हें साकेत स्थित मैक्स अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था। परिजनों ने किसी भी तरह की शंका नहीं जताई है, फिर भी पुलिस रोहित के परिजनों, रिश्तेदारों व दोस्तों से पूछताछ कर हर पहलुओं पर जांच कर रही है। उनके घर की भी पुलिस ने जांच की है।

ब्रेन हेमरेज अथवा हार्ट अटैक से मौत का शक
पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे की मौत का मामला होने के चलते दिल्ली पुलिस फूंक-फूंक कर कदम रख रही है। शुरुआती जांच में ब्रेन हेमरेज व हार्ट अटैक की बात कही गई,  मगर बाद में अस्पताल प्रबंधन व पुलिस अधिकारी का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से ही मौत के सही कारणों का पता चल पाएगा। संयुक्त आयुक्त दक्षिण रेंज देवेश चंद्र श्रीवास्तव के मुताबिक, पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है।

उधर, डीसीपी दक्षिण जिला विजय कुमार का कहना है कि रोहित दिल के मरीज रहे हैं। विगत दिसंबर में उनकी एंजियोप्लास्टी भी हुई थी और स्टेंट डाला गया था। अब तक की जांच में किसी तरह का कोई आपराधिक एंगल नजर नहीं आ रहा है। हादसे के दौरान उनकी पत्नी घर पर ही मौजूद थीं। परिजनों ने भी कोई शिकायत नहीं दी है। उन्हें किसी तरह का शक नहीं है। हार्ट अटैक के कुछ केस में नाक से खून भी आ जाता है।

पुलिस के मुताबिक, दोपहर में रोहित की मां इलाज कराने के लिए पास स्थित एक क्लीनिक पर गई थीं। घर में रोहित की पत्नी, उनके भाई सिद्धार्थ शर्मा व घरेलू सहायक मौजूद थे। करीब चार बजे रोहित की नाक से खून निकला देखकर घरेलू सहायक ने सिद्धार्थ व उज्ज्वला शर्मा को जानकारी दी। उसके बाद मैक्स को सूचना देकर एम्बुलेंस भेजने को कहा गया।

एम्बुलेंस आते ही उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मैक्स अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि नारायण दत्त (एनडी) तिवारी के परिवार के सभी सदस्यों का इलाज इसी अस्पताल में होता रहा है। कुछ साल पहले जब रोहित परिवार के किसी सदस्य का इलाज कराने मैक्स आए थे, तब अचानक गिर पड़े थे।

अधिकार के लिए लड़ी थी लंबी लड़ाई
कोर्ट में चले लंबे विवाद के बाद एनडी तिवारी ने रोहित को बेटे के रूप में स्वीकार किया था। दरअसल, अधिकार की यह लड़ाई 1995 में शुरू हुई। रोहित एनडी तिवारी से मिलने के लिए मां उज्ज्वला के साथ उनके घर गए थे, लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें अंदर जाने नहीं दिया था। इसके बाद 2008 में रोहित शेखर ने दिल्ली हाई कोर्ट में दावा किया था कि वह एनडी तिवारी के बेटे हैं।

2011 में एनडी तिवारी को जांच के लिए अपना खून देना पड़ा था। उन्होंने कोर्ट से यह भी मांग की थी कि रिपोर्ट को सार्वजनिक न किया जाए, लेकिन कोर्ट ने यह अपील खारिज कर दी। डीएनए रिपोर्ट से यह बात सच साबित हुई कि एनडी तिवारी ही रोहित के जैविक पिता हैं। इसके बाद 2014 में रोहित शेखर की मां उज्ज्वला से 89 वर्ष की उम्र में एनडी तिवारी ने शादी की।

पिछले साल अक्टूबर में एनडी तिवारी का भी लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया था। रोहित जनवरी 2017 में भाजपा में शामिल हो गए थे। बीते 12 अप्रैल को रोहित ने एक अंग्रेजी अखबार को दिए साक्षात्कार में कांग्रेस में शामिल होकर भविष्य तलाशने की बात कही थी। उनकी शादी पिछले साल 11 मई को इंदौर की रहने वाली अपूर्वा शुक्ला से हुई थी। अपूर्वा सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस करती हैं।

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Posted By: JP Yadav

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