नई दिल्ली, एएनआइ। वैश्विक बीमारी कोरोना वायरस के खिलाफ मैदान-ए-जंग में योद्धा अपने-अपने तरीके से लड़ाई जारी रखे हुए हैं। कोई भूखों का खाना खिला रहा है तो कोई दवाइयां और मास्क जैसे सामान मुफ्त में बांट रहा है। कोरोना को परास्त करने की लड़ाई में दिल्ली पुलिस की सिपाही कांस्टेबल मौसम यादव भी मैदान में रोजाना उतर रही हैं और  लॉकडाउन के दौरान अपनी जिम्मेदारी निभा रही हैं। 

डेढ़ साल के बेटे को घर छोड़ करती हैं ड्यूटी

यूं तो दिल्ली पुलिस में तैनात हजारों महिला कॉन्स्टेबल रोजाना अपनी ड्यूटी कर रही हैं, लेकिन मौसम यादव अपनी खास छाप छोड़ रही है। दरअसल, 3 साल पहले शादी करने वालीं मौसम के डेढ़ साल का बेटा है, लेकिन उन्हें लॉकडाउन जैसी कठिन परिस्थिति में अपनी जिम्मेदारी का अहसास है। यही वजह है कि वह अपने डेढ़ साल का मासूम बेटे को परिवार को भरोसे छोड़कर मौसम अपनी ड्यूटी पूरी इमानदारी से निभाती हैं।

परिवार करता है मना, मौसम कहती हैं 'जिम्मेदारी से क्यूं भागूं'

बताया जाता है कि परिवार मौसम यादव से कहता रहा है कि वह अपने इतने छोटे बच्चे को छोड़कर ड्यूटी पर न जाए। वहीं मौसम इसके जवाब में दो टूक कहती हैं-  'जिम्मेदारी से क्यूं भागूं'। वही कहती हैं, अगर वह अभी ड्यूटी नहीं करेंगी, तो कब करेंगी? इस समय दिल्ली को मेरी सबसे जरूरत है। ऐसे में इस जिम्मेदारी से भागने का तो सवाल ही नहीं।

मौसम के पति प्रवीन यादव गुरुग्राम की निजी कंपनी में काम करते हैं, लेकिन लॉकडाउन के चलते इन दिनों वर्क फ्रॉम होम हैं। मौसम कहती हैं कि जब वह अपनी ड्यूटी पर होती है तो पति बच्चे की देखभाल में अपनी भूमिका निभाते हैं।

थाने की शान बनीं मौसम

अपनी इस जिम्मेदारी के चलते मौसम अपने थाने की महरौली थाने शान बन गई हैं और उनके वरिष्ठ अधिकारी भी मौसम के जज्बे की जमकर तारीफ कर रहे हैं।  मौसम बताती हैं कि उनका परिवार लगातार ऐसे कठिन हालात में ड्यूटी के मना कर रहा है और पुलिस महकमे की ओर से भी कोई दबाव नहीं है। बावजूद इसके मुझे मेरी जिम्मेदारी का अहसास है। एक सिपाही की असली परीक्षा तो कठिनाई के दौर में होती है। ऐसे में सच्चा सिपाही होने के नाते मुझे मोर्चे पर रहना है। 

वर्ष-2017 में बतौरी सिपाही दिल्ली पुलिस में भर्ती हुईं मौसम यादव की पहली पोस्टिंग महरौली थाने में हुई है और फिलहाल वह पिकेट पर ड्यूटी दे रही हैं। वहीं, मेहरौली थाने के एसएचओ हरेंद्र सिंह के मुताबिक, फिलहाल थाने में 14 महिलाएं तैनात हैं और मौसम भी उन्हीं में से हैं।

Posted By: JP Yadav

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