नई दिल्ली (विनीत त्रिपाठी)। राजीव चौक मेट्रो स्टेशन की एलईडी स्क्रीन पर 9 अप्रैल को अश्लील वीडियो कैसे चला? यह सवाल अब भी अबूझ है। दिल्ली मेट्रो रेल क\रपोरेशन (डीएमआरसी) ने तर्क दिया था कि मेट्रो स्टेशन का वाई-फाई कनेक्ट करके कुछ लड़कों ने यह वीडियो चला दिया था, लेकिन वह पुलिस के समाने स्पष्ट नहीं कर सका है कि ऐसा कैसे संभव है।

मामले की अपने स्तर से जांच कर रही मेट्रो पुलिस को अब तक मेट्रो की तरफ से शिकायत भी नहीं मिली है। सूत्रों का कहना है कि कर्मियों के फंसने के डर से डीएमआरसी मामले में दिलचस्पी नहीं ले रहा है।

डीसीपी मेट्रो जितेंद्र मणि का कहना है कि डीएमआरसी ने बताया था कि मेट्रो स्टेशन के वाईफाई का इस्तेमाल करके अश्लील वीडियो चलाया गया था। मामले की जांच कर रही टीम यह जानने की कोशिश कर रही है कि क्या ऐसा संभव है, लेकिन अब तक डीएमआरसी इसे स्पष्ट नहीं कर सका है।

उसकी तरफ से कोई शिकायत भी नहीं दी गई है। अब तक यही साबित नहीं हो सका है कि वीडियो चला किस तरह तो फिर पुलिस किसके खिलाफ कार्रवाई करे।

डीएमआरसी प्रवक्ता महेंद्र यादव का कहना है कि डीएमआरसी की तरफ से मामले की जांच से संबंधित सीसीटीवी फुटेज समेत सभी जानकारियां उपलब्ध करा दी गई हैं।

यह है मामला

नौ अप्रैल की शाम 4 बजकर 30 मिनट पर अचानक राजीव चौक मेट्रो स्टेशन की एलईडी स्क्रीन पर अश्लील वीडियो चलने लगा। कुछ लोगों ने इसका वीडियो बना लिया था। थोड़ी देर बाद इसे सोशल मीडिया पर पोस्ट किया गया और यह वायरल हो गया। डीएमआरसी ने मामले की जांच के लिए एक समिति गठित की थी।

Posted By: JP Yadav

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