नई दिल्ली, संवाददाता। दिल्ली में प्रदूषण से गंभीर हुई स्थिति से निपटने के लिए निगमों ने अब रसायन का उपयोग करना शुरू कर दिया। उत्तरी दिल्ली नगर निगम ने बृहस्पतिवार को इसके लिए ट्रायल भी किया। इसके तहत मैग्नीशियम क्लोराइड पाउडर को पानी में मिलाकर छिड़काव किया गया। निगम के अनुसार एक टैंकर में 100 किलो रसायन डालने के बाद जब इसका छिड़काव किया जाता है तो छह घंटे तक धूल वहां पर नही उड़ती। उत्तरी निगम के स्थायी समिति के अध्यक्ष जय प्रकाश ने बताया कि रोहिणी में इसका ट्रायल किया गया है। इसके परिणाम सकारात्मक आने के बाद इसे पूरे क्षेत्र में विस्तृत रूप से उपयोग करने की योजना बनाई जाएगी। उन्होंने बताया कि इस छिड़काव से यह धूल के कणों को भारी बना देता है। जिससे धूल जमीन की सतह पर बैठी रहती है।

अब तक 611 पर हो चुकी है एफआइआर: प्रदूषण के गंभीर होती स्थिति के बीच दक्षिणी दिल्ली नगर निगम ने एक माह के भीतर की गई कार्रवाई का ब्योरा जारी किया है। निगम के अनुसार अब तक 611 एफआइआर प्रदूषण फैलाने वालों के खिलाफ कराई जा चुकी है। साथ ही 6953 चालान किए है। जिनसे 2.93 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला जा चुका है।

निगम के एक अधिकारी के अनुसार एक माह के भीतर 13 हजार 500 साइटों का भी निरीक्षण किया गया। प्रदूषण को कम करने के लिए सभी जोनों में 83 वाटर टैंकर और 24 मैकेनिकल रोड स्वीपर ने लगभग 20 हजार किमी. सड़कों पर सफाई और पानी का छिड़काव किया। लगभग 4000 टन मलबा सड़कों से उठाया गया। साथ ही निगम ने ऐसी साइटों को चिह्नित जहां रात में अवैध रूप से मलबा डाला जाता है और ऐसी साइटों की निगरानी के लिए 40 विशेष नाइट पेट्रोलिंग टीमों को भी क्षेत्रों में तैनात किया गया। इस दौरान पांच वाहनों को जब्त किया गया है जो रात में मलबा डाल रहे थे। निगमकर्मी प्रदूषण को लेकर चौकसी बरत रहे हैं।

Posted By: Pooja Singh

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