नई दिल्ली [सौरभ श्रीवास्तव]। दिल्ली कैंट इलाके में नौ वर्षीय बच्ची से सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के मामले में स्थानीय लोगों का आक्रोशित होना स्वाभाविक है, लेकिन इस घटना को लेकर राजनीति भी चरम पर है, जिसे कतई उचित नहीं ठहराया जा सकता। राष्ट्रीय राजधानी में बच्ची के साथ दरिंदगी की यह घटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। किसी सभ्य समाज में ऐसी घटना कतई स्वीकार नहीं की जा सकती, लेकिन इस मामले को राजनीतिक रंगत देने के प्रयास भी जोर-शोर से जारी हैं। बुधवार को जहां एक ओर आक्रोशित स्थानीय लोगों ने पुलिस के रवैये के खिलाफ एक बार फिर जमकर रोष प्रदर्शन किया वहीं, विभिन्न राजनीतिक दलों के कई बड़े नेताओं का उनके बीच पहुंचकर खुद को साथ खड़ा दिखाने की कोशिश करने का सिलसिला जारी रहा।

इसमें कोई दो राय नहीं कि इस तरह की घटनाओं को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए और ऐसे मामलों में पुलिस को तत्परता के साथ कार्रवाई करनी चाहिए। इस मामले में दिल्ली पुलिस ने आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है और 60 दिनों में जांच पूरी कर लेने का विश्वास दिलाया है। अब आरोपितों के खिलाफ वैज्ञानिक तरीके से सुबूत जुटाए जाने चाहिए, ताकि उन्हें उनके किए की सख्त से सख्त सजा दिलाई जा सके।

यही नहीं, पुलिस के आला अधिकारियों को आक्रोशित स्थानीय लोगों को न्याय का भरोसा दिलाना चाहिए और पुलिस को लेकर उनकी जो शिकायतें हैं, उन्हें दूर करने के प्रयास करने चाहिए। आक्रोशित लोगों के बीच पहुंच रहे नेताओं को इस घटना को लेकर किसी तरह की राजनीति से बचना चाहिए। ये एक गंभीर मामला है और इसे इसकी गंभीरता के अनुरूप पुलिस को हल करने देना चाहिए। इलाके के जिम्मेदार लोगों को इस बात की भी चिंता करनी चाहिए कि इसे सीधे तौर पर एक निंदनीय घटना के रूप में देखा जाए और इसके बहाने इलाके में सामाजिक वैमनस्य फैलाने की किसी की भी कोशिश को कतई सफल नहीं होने देना चाहिए।

 

Edited By: Jp Yadav