नई दिल्ली [विनीत त्रिपाठी]। स्वजन से परेशान होकर पंजाब से दिल्ली आये समलैंगिक युगल को सुरक्षा व सुरक्षित स्थान उपलबध कराने का दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया है। याचिकाकर्ता आपस में शादी करना चाहते हैं, लेकिन स्वजन को यह स्वीकार नहीं होने के कारण उन्हें धमकी मिल रही है। न्यायमूर्ति मुक्ता गुप्ता की पीठ ने मयूर विहार फेज-एक के एसएचओ को निर्देश दिया कि गैर सरकारी संगठन धनक आफ ह्यूमैनिटी के कार्यालय के में रह रहे युवल को किंग्सवे स्थित सेवा कुटीर परिसर में सुरक्षित घर में शिफ्ट किया जाए। साथ ही वहां पर पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराना भी सुनिश्चित करें। पीठ ने दोनों याचिकाकर्ताओं के परिवार के सदस्यों को नोटिस जारी कर सुनवाई दो अगस्त तक के लिए स्थगित कर दी।

पीठ ने कहा कि समलैंगिक युगल को किंग्सवे कैंप में सरकार द्वारा दो कमरे, एक शौचालय और रसोई वाला 60 वर्ग गज का सुरक्षित स्थान दिया जाए। सुप्रीम कोर्ट ने गैर सरकारी संगठन शक्ति वाहिनी की याचिका पर वर्ष 2018 में ऑनर किलिंग के खिलाफ दायर याचिका पर दूसरे धर्म या अंतर-जातीय विवाह चुनने वाले युगल की सुरक्षा के लिए फैसला दिया था। साथ ही राज्य सरकारों को इन्हें सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराने पर विचार करने को कहा था। अधिवक्ता उत्कर्ष सिंह के माध्यम से याचिका दायर कर युगल ने कहा कि वे बालिग हैं और समलैंगिक समुदाय से होने के कारण उनका रिश्ता उनके स्वजन को स्वीकार्य नहीं है।

उत्कर्ष ने दलील दी कि याचिकाकर्ता के परिवार के सदस्यों ने उनके साथ मारपीट की और इसी वजह से वे पंजाब से दिल्ली आ गए थे। यहां आकर उन्होंने शादी की और वर्तमान में गैर सरकारी संगठन धनक आफ ह्यूमैनिटी के कार्यालय में रह रहे हैं। सुनवाई के दौरान पीठ ने पूछा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में दिल्ली सरकार ने सुरक्षित घर कहां खोला है। इसके जवाब में दिल्ली सरकार के अतिरिक्त स्थायी वकील राजेश महाजन ने बताया कि किंग्सवे कैंप में सेवा कुटीर परिसर खोला गया है।

याचिका के अनुसार एक याचिकाकर्ता जहां पंजाब के मोगा के रहने वाले हैं, जबकि दूसरे पंजाब के लुधियाना स्थित मलौध के रहने वाले हैं। जिटोवाल काला स्थित एक धागा मिल में अगस्त-2020 में दोनों याची काम करते थे और धागा मिल के होटल में रहते थे। काम करने के दौरान दोनों पहले अच्छे दोस्त बने। इस बीच दोनों फिर एक-दूसरे से प्यार करने लगे और साथ रहने का फैसला कर लिया। स्वजन द्वारा आपत्ति करने पर भाग कर दिल्ली आ गये।

Edited By: Prateek Kumar