नई दिल्ली, एएनआइ। बढ़ते वायु प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए दिल्ली में सत्तासीन आम आदमी पार्टी सरकार ने 4 नंबर से दिल्ली में Odd Even Scheme लागू की है, जो 15 नवंबर तक चलेगी। एक शख्स ने इस Odd Even Scheme पर सवाल उठाते हुए बृहस्पतिवार को सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की है। याचिका में गाड़ियों के वर्गीकरण को लेकर सवाल उठाए गए हैं। इसमें कहा गया है कि Odd Even Scheme से मौलिक अधिकारों का हनन हो रहा है।

महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा के आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती

वहीं, डीटीसी बसों में महिलाओं को मुफ्त यात्र देने के दिल्ली सरकार के फैसले को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई है। मुख्य न्यायमूर्ति डीएन पटेल व न्यायमूर्ति सी हरिशंकर की पीठ ने याचिकाकर्ता अजमा जैदी से पूछा कि वह कैसे कह सकती हैं कि सरकार का निर्णय असंवैधानिक है और उसे पहले केंद्र सरकार से अनुमति लेनी चाहिए थी। पीठ ने महिला से कहा कि अगली सुनवाई पर वह इसका जवाब लेकर आएं। याचिका पर अगली सुनवाई 21 जनवरी को होगी।

अधिवक्ता अनिल कुमार खावरे के माध्यम से दायर याचिका में महिला ने कहा कि करदाताओं के पैसे पर दिल्ली परिवहन निगम बसों पर मुफ्त यात्र प्रदान कर रही है। यह सरकारी खजाने पर एक वित्तीय बोझ है। उन्होंने कहा कि मुफ्त यात्र की सुविधा समाज के बुजुर्गों, नाबालिगों और गरीब तबके को प्रदान की जानी चाहिए। इस तरह के फैसले का समर्थन करने वाला कोई डेटा नहीं है। उन्होंने कहा कि डीटीसी ने सरकार की एक रिपोर्ट में कहा है कि उसे अपनी बसों में इस योजना को लागू करने के लिए लगभग 200 करोड़ रुपये की वार्षिक सब्सिडी की जरूरत होगी।

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Posted By: JP Yadav

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