नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। PFI: विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने केंद्र सरकार द्वारा पापुलर फ्रंट आफ इंडिया (PFI) पर लगाए गए प्रतिबंध का स्वागत किया है। विहिप की ओर से जारी बयान के मुताबिक यह संगठन भारत विरोधी विभिन्न रूप से गतिविधियों में संलिप्त कई जिहादी संगठनों को आर्थिक सहायता प्रदान करता था।

छानबीन करने पर ऐसा पाया गया कि यह संगठन कई वर्षों से देश विरोधी गतिविधियों में संलिप्त आतंकी संगठनों को भारत में आतंक फैलाने एवं अन्य गतिविधियों को चलाने के लिए आर्थिक सहायता मुहैया कराती थी। यह काम कई वर्षों से चलता आ रहा था, जिसके कारण से देश में आतंकी संगठनों ने हिंसक घटनाओं को अंजाम दिया तथा पिछले कई वर्षों से बहुत ज्यादा जान माल का नुकसान हुआ व देश का माहौल बिगड़ गया।

ऐसी शंका की जा रही थी कि यह संगठन पूरे देश में संदिग्ध गतिविधियां चला रहा है। इसका संज्ञान कई बार लिया गया परंतु कोई ठोस कार्रवाई ना होने के कारण पीएफआइ अपना काम निरंतर करता रहा।

विहिप की सजगता से नहीं हो पाया देश विरोधी कार्यक्रम

विहिप के मुताबिक इसी वर्ष 30 जुलाई को करोलबाग के रानी झांसी मार्ग स्थित अंबेडकर भवन में पीएफआई के द्वारा भारत विरोधी कार्यक्रम आयोजित किया जाना था, जिसमें 75 वें स्वतंत्रता दिवस पर पीएफआइ द्वारा पूरे देश में वातावरण को खराब करने की रणनीति तैयार की जानी थी। इससे देश की अखंडता पर आंच आने का खतरा बढ़ गया था।

विहिप दिल्ली प्रांत के मंत्री सुरेंद्र गुप्ता द्वारा 29 जुलाई 2022 को दिल्ली पुलिस आयुक्त, दिल्ली पुलिस मुख्यालय को एक पत्र लिखकर इस कार्यक्रम को रोकने का आग्रह किया गया था जिससे पीएफआइ की दिल्ली में सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ने की कोशिश को रोका जा सके लेकिन विहिप दिल्ली प्रांत के प्रयासों के कारण उसको अपना वह कार्यक्रम रद्द करना पड़ा था।

पिछले कुछ दिनों में पूरे देश में लगभग 20 राज्यों के लगभग 105 स्थानों पर एनआइए द्वारा अचानक छापा पड़ने पर पाया गया की पीएफआइ देश विरोधी गतिविधियों में संलिप्त है और उसके कई सदस्य इसके चलते गिरफ्तार भी किए गए हैं, इस पर गंभीर संज्ञान लेते हुए केंद्र सरकार ने पीएफआइ पर तत्काल प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है। इसके लिए विहिप ने भारत सरकार को धन्यवाद ज्ञापित भी दिया है।

Edited By: Vinay Kumar Tiwari

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