नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। बिल्डरों की कारगुजारी के कारण दक्षिणी दिल्ली के हजारों लोग परेशान हैं। दरअसल, समस्या यह है कि लाखों रुपये खर्च कर फ्लैट व दुकान खरीदने के बावजूद लोग बिजली कनेक्शन नहीं ले पा रहे हैं। आलम यह है कि परेशान लोग रोजाना बिजली कंपनी के दफ्तर के चक्कर लगाते हैं, लेकिन समस्या का कोई समाधान नहीं हो पा रहा है।

वहीं, बिजली कंपनी के अधिकारियों ने अपना नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि निश्चित ऊंचाई से ज्यादा निर्माण पर बिजली का कनेक्शन किसी को भी नहीं दिया जा सकता है। यही वजह है कि ज्यादातर लोगों के आवेदन खारिज हो रहे हैं क्योंकि वह नियम पूरे नहीं कर रहे हैं। 

दरअसल, स्टिल्ट पार्किंग वाली इमारत 17.5 मीटर व बिना स्टिल्ट पाìकग वाली इमारत 15 मीटर ऊंचाई तक बनाने का नियम है। नियत ऊंचाई से ज्यादा निर्माण करने पर नियमानुसार बिजली का कनेक्शन नहीं दिया जा सकता है। दक्षिणी दिल्ली के खिड़की, खिड़की एक्सटेंशन, छतरपुर, छतरपुर एक्सटेंशन, पंचशील विहार, फ्रीडम फाइटर, नेब सराय, इंदिरा एंक्लेव, सावित्री नगर आदि इलाकों में बिल्डर अवैध रूप से नियत ऊंचाई से ज्यादा निर्माण करने के साथ छत बेचकर अवैध निर्माण कराते हैं। ऐसे में निश्चित ऊंचाई से ज्यादा निर्माण करने के चलते बिल्डिंग के निवासियों को बिजली का कनेक्शन नहीं मिल पा रहा है। इस समस्या के कारण हजारों की संख्या में लोग परेशान हैं

संदीप सैनी (अध्यक्ष यूनाइटेड फेडरेशन ऑफ आरडब्ल्यूए) के मुताबिक, आरडब्ल्यूए पदाधिकारी लोग खून पसीने की कमाई से फ्लैट या दुकान खरीदते हैं। क्षेत्रवासियों की समस्या का जल्द समाधान होना चाहिए, वरना लोगों को आर्थिक परेशानी तो होगी, लोग मानसिक रूप से भी परेशान होंगे।

वहीं, बीपी सिंह (आरडब्ल्यूए पदाधिकारी) का कहना है कि फ्लैट व दुकान के जिन खरीदारों को बिल्डर धोखा देते हैं उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई किए जाने की जरूरत है। इससे ऐसे शातिरों को सबब मिलेगा।

Posted By: JP Yadav

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस