नई दिल्ली (जेएनएन)। दिल्ली हाईकोर्ट ने 2010 की हिंदी फिल्म 'पीपली लाइव' के सह निर्देशक महमूद फारूख़ी को एक अमेरिकी शोध छात्रा के साथ दुष्कर्म के मामले में बरी कर दिया है। कोर्ट ने घटना और शिकायत को लेकर सवाल उठाते हुए महमूद फारूखी का बरी किया है। 

अमेरिकी युवती ने लगाया था दुष्कर्म का आरोप

आरोपों के तहत दिल्ली पुलिस के मुताबिक, फारूख़ी पर कोलंबिया यूनिवर्सिटी की 35 वर्षीय छात्रा व अमेरिकी महिला ने दुष्कर्म का आरोप लगाया था, जो अपने डॉक्टरेट थीसिस के लिए शोध करने भारत आई थीं।

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यह था मामला

पीड़ित अमेरिकी युवती के मुताबिक, यह घटना 28 मार्च 2015 की है। पीड़िता पीएचडी के सिलसिले में रिसर्च के लिए दिल्‍ली आई थी। इस दौरान उसकी रिसर्च गोरखपुर की गुरु गोरखनाथ यूनिवर्सिटी से जुड़ी थी।

युवती का कहना है कि फारुकी ने नशे की हालत में उसे दुराचार का शिकार बनाया था। पीडि़त युवती एक रिसर्च के सिलसिले में भारत आई थी। 28 मार्च, 2015 को फारुकी से मिलने उनके घर गई थी। बीते 30 जुलाई को अदालत ने फारुकी को दुष्कर्म का दोषी करार दिया था जिसके बाद उसे फिर जेल भेज दिया गया था।

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बता दं कि फारूख़ी भी गोरखपुर के रहने वाले हैं। पुलिस के मुताबिक, पीड़ित लड़की ने  बताया कि घटना के दौरान फारूख़ी नशे में थे। घटना के बाद पीड़िता ने फारूख़ी को यूएस से मेल किया, जिसके जवाब में उन्‍होंने पीड़िता को दो पेज के मेल में माफीनाम लिखकर भेजा। 

 

Posted By: JP Yadav