नई दिल्ली, न्यूज एजेंसी। आल्ट न्यूज के को-फाउंडर और फेक्ट चेकर मोहम्मद जुबैर को पटियाला हाउस कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। साथ ही जुबैर की जमानत याचिका को भी खारिज कर दिया है। जुबैर को धार्मिक भावनों को भड़काने के आरोप में 27 जून को गिरफ्तार किया गया था।

दिल्ली पुलिस ने जोड़ीं कई और एफआइआर

दिल्ली पुलिस ने मोहम्मद जुबैर को कोर्ट में पेश करने से पहले शनिवार को कई और भी एफआइआर दर्ज कीं और धाराएं जोड़ीं। पुलिस ने पेशी के दौरान जुबैर पर इस मामले में साजिश रचने और सबूतों को नष्ट करने का आरोप लगाया था। पुलिस ने बताया कि आरोपित को विदेश से भी चंदा मिलता था।

पुलिस ने बताया कि इसके उनके पास सबूत भी हैं। यही वजह है कि विदेशी अभिदाय (विनियमन) अधिनियम, 2010 में धारा 35 को एफआईआर में जोड़ा गया है।

दिल्ली पुलिस के विशेष लोक अभियोजक अतुल श्रीवास्तव ने बताया कि मोहम्मद जुबैर की जमानत याचिका रद्द कर दी गई है और न्यायिक रिमांड के लिए दिल्ली पुलिस का आवेदन स्वीकार कर लिया गया है। आईपीसी और 35 एफसीआर अधिनियम की तीन नई धाराएं 201 और 120 एफआइआर में और जोड़ी गई हैं।

इस आरोप में किया था गिरफ्तार

मोहम्मद जुबैर को 2018 में धार्मिक भावनाएं भड़काने के आरोप में गिरफ्तार किया था। पुलिस ने 27 जून को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर एक दिन की रिमांड पर लिया था। इसके बाद 28 जून को जुबैर को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश कर पुलिस ने पांच दिन की रिमांड मांगी थी, लेकिन कोर्ट ने चार दिन की रिमांड स्वीकार की थी। इसके बाद शनिवार को चार दिन की रिमांड खत्म हो गई थी, जिसके बाद पुलिस ने फिर से आरोपित को कोर्ट में पेश किया था।

दिल्ली पुलिस ने मीडिया को दी थी गलत जानकारी

दिल्ली पुलिस के उस समय फजीहत का सामना करना पड़ा था। दिल्ली पुलिस ने मोहम्मद जुबैर की जमानत को लेकर मीडिया को गलत जानकारी दे दी थी। फैसला आने से पहले ही यह बात कही गई कि जुबैर की जमानत याचिका खारिज हो गई है। उन्‍हें 14 दिन की न्‍यायायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

मोहम्मद जुबैर के अधिवक्ता सौतिक बनर्जी ने मीडिया को बताया कि यह देखकर हैरान हूं कि डीसीपी केपीएस मल्होत्रा ने मीडिया में लीक कर दिया है कि हमारी जमानत याचिका खारिज कर दी गई है और 14 दिन की न्यायिक हिरासत दी गई है।

अधिवक्ता ने आगे कहा कि यह बेहद निंदनीय है। न्यायिक मजिस्ट्रेट के बैठने और आदेश देने से पहले ही पुलिस ने मीडिया में आदेश लीक कर दिया। उन्होंने पूछा कि केपीएस मल्होत्रा कोर्ट के आदेश केबारे में कैसे जानते हैं।

मोहम्मद जुबैर ने किया हाई कोर्ट का रुख

वहीं, दिल्ली पुलिस रिमांड की वैधता को चुनौती देने वाली आल्ट न्यूज के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर की याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने पुलिस से जवाब मांगा है। न्यायमूर्ति संजीव नरुला की पीठ ने पुलिस को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में जवाब दाखिल करने का निर्देश देते हुए सुनवाई 27 जुलाई तक के लिए स्थगित कर दी। पीठ ने कहा कि कहा कि रिमांड दो जुलाई को खत्म हो जाएगा, ऐसे में अदालत दूसरे पक्ष को सुनेगी। हालांकि, पीठ ने कहा कि निचली अदालत के समक्ष कार्यवाही वर्तमान कार्यवाही से प्रभावित हुए बिना जारी रहेगी।

अधिवक्ता वृंदा ग्रोवर ने जुबैर के लैपटाप और मोबाइल को सीज करने पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि जिस फोन से ट्वीट किया गया था वह गुम हो गया है। ऐसे में नए फोन और लैपटाप को जब्त करने का क्या मतलब है? इस पर पीठ ने कहा कि दो जुलाई को रिमांड समाप्त हो रहा है, ऐसे में इसे निचली अदालत तय कर देगी। वृंदा ग्रोवर ने इस पर अनुरोध किया कि कृपया नोटिस जारी करें और सभी जब्ती इस याचिका के परिणाम के अधीन होगी।

Edited By: Geetarjun Gautam