नई दिल्ली [धनंजय मिश्रा]। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा गिरफ्तार किए गए आतंकी मुहम्मद अशरफ उर्फ अली ने भारतीय पासपोर्ट पर अपनी विदेश यात्राओं के दौरान कई बार आइएसआइ के अधिकारियों से मुलाकात की है। इस दौरान उसने कई जानकारियां दी थीं। फिलहाल स्पेशल सेल उसकी सभी विदेश यात्राओं का ब्योरा जुटाने में लगी है। सूत्रों के मुताबिक वर्ष 2018 में आतंकी मुहम्मद अशरफ ने पहली बार थाईलैंड और दुबई की यात्रा की थी।

स्पेशल सेल के अधिकारियों का मानना है कि अशरफ की गिरफ्तारी के बाद से उसके साथी भूमिगत हो गए हैं। उनकी पहचान और धरपकड़ के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि अशरफ के पुरानी दिल्ली और पूर्वी दिल्ली के इलाकों में कई साथी हो सकते हैं। चूकी यह प्रारंभिक पूछताछ है ऐसे में उसके बताए सभी तथ्यों की जांच की जा रही है।

पूछताछ में आतंकी ने बताया कि उसके विदेश जाने का खास मकसद था। वह वहां पर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आइएसआइ के अधिकारियों से मिलने गया था। उसने वहां पर जम्मू कश्मीर, दिल्ली सहित कई राज्यों के शहरों की जानकारी और अन्य इनपुट दिए थे। वह अपने साथ कुछ महत्वपूर्ण जगहों की फोटो, वीडियो व कुछ नक्शे भी लेकर गया था।

यह किस तरह के दस्तावेज और फोटो-वीडियो थे, इसे लेकर स्पेशल सेल उससे पूछताछ कर रही हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, जब अशरफ, बांग्लादेश के रास्ते भारत में दाखिल हुआ था तब आइएसआइ के अधिकारी नासिर ने उसे कोलकाता में एक शख्स के घर ठहराया था, वह शख्स भी आइएसआइ से जुड़ा हुआ है। उसकी तलाश के लिए स्पेशल सेल की टीम कोलकाता जाएगी। इसके साथ ही पुलिस की एक टीम बिहार के वैशाली जिले में भी जाएगी।

दावत-ए-इस्लामिक का सक्रिय सदस्य है अशरफ

जांच में यह भी पता चला है कि अशरफ पाकिस्तान की कट्टरपंथी संस्था दावत-ए-इस्लामी का सक्रिय सदस्य है। दिल्ली के शास्त्री नगर के पते पर बनवाए गए फर्जी पासपोर्ट से संस्था की कान्फ्रेंस में शामिल होने के लिए नेपाल, थाइलैंड और दुबई गया था। इसके साथ ही वह संस्था के कार्यक्रमों में आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में जा चुका है। अशरफ संस्था के कार्यक्रमों में तकरीर देता था। पुलिस इस पहलु पर भी जांच कर रही है कि कहीं अशरफ मतांतरण करवाने में तो नहीं लगा था।

Edited By: Jp Yadav