नई दिल्ली [अरविंद द्विवेदी]। बत्रा अस्पताल शनिवार को दिन भर ऑक्सीजन की कमी से जूझता रहा। दिल्ली सरकार की ओर से उन्हें दो बार ऑक्सीजन पहुंचाया भी गया लेकिन वह ऊंट के मुंह में जीरा के समान था। दक्षिणी दिल्ली जिले के पुलिस उपायुक्त अतुल कुमार ठाकुर ने शनिवार सुबह व शाम को बत्रा अस्पताल के लिए ऑक्सीजन का इंतजाम किया। सुबह 500 लीटर व शाम को 1500 लीटर ऑक्सीजन पहुंचाई गई। इस तरह अस्पताल के पास शनिवार रात रात 12 बजे तक के लिए ऑक्सीजन की व्यवस्था हो गई। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि दिल्ली सरकार को जल्द से जल्द उनके कोटे की ऑक्सीजन नहीं पहुंचाई तो अस्पताल में समस्या हो सकती है।
बत्रा अस्पताल के मेडिकल डायरेक्टर डा. एससीएल गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार ने हमसे अस्पताल के 80 प्रतिशत बेड कोरोना के लिए रिजर्व करने के लिए कहा था तो हमने कर दिया। अब अगर ऑक्सीजन ही नहीं मिलेगी तो आखिर मरीजों का इलाज कैसे होगा।
शनिवार सुबह अस्पताल में कोरोना के करीब 350 मरीज भर्ती थे । 50 मरीजों को स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया। लेकिन ऑक्सीजन की कमी के कारण नए मरीज भर्ती नहीं किए जा रहे हैं। डा. गुप्ता ने बताया कि सरकार की ओर से अस्पताल को 6000 लीटर ऑक्सीजन का कोटा मिला है जबकि मरीजों के हिसाब से यहां प्रति 24 घंटे 8000 लीटर ऑक्सीजन की जरूरत है। लेकिन सबसे बड़ी समस्या यह है कि सरकार कोटे का ऑक्सीजन भी नहीं दे रही है।
वहीं, मूलचंद अस्पताल से ऑक्सीजन की कमी की सूचना पर दक्षिण-पूर्वी जिले के पुलिस उपायुक्त राजेंद्र प्रसाद मीणा ने पुलिसकर्मियों की टीम बनाकर ऑक्सीजन का इंतजाम करवाया। वहीं, लाजपत नगर स्थित आइबीएस अस्पताल में भी ऑक्सीजन की कमी की सूचना पर पुलिस ने दो बार ऑक्सीजन के सिलेंडर उपलब्ध करवाए। यहां 40 मरीज भर्ती हैं।
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