नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। कोरोना संक्रमण के कम होते मामलों के बीच राजधानीवासियों मच्छरजनित बीमारियों से भी राहत मिलती दिख रही है। क्योंकि बीते एक सप्ताह में डेंगू के एक ही मरीज की पुष्टि हुई है। इससे इस वर्ष अब तक कुल मरीजों का आंकड़ा 31 हो गया है। राहत की बात यह भी है कि बीते सप्ताह में मलेरिया और चिकनगुनिया का एक भी मरीज सामने नहीं आया है। वैसे इस वर्ष मलेरिया के आठ तो चिकनगुनिया के चार मामले दर्ज हो चुके हैं। दक्षिणी निगम द्वारा रिपोर्ट के अनुसार एक मामले की पुष्टि दक्षिणी निगम क्षेत्र से हुई है। निगमों का कहना है कि वह लगातार डीबीसी कर्मियों जरिए घर-घर जाकर जांच कर रहे हैं। साथ ही निजी व सरकारी संस्थानों में भी जाकर जांच कर रहे हैं। जहां पर भी मच्छरों के प्रजनन का लार्वा पाया जा रहा है वहां नोटिस देने या चालान की कार्रवाई की जा रही है। अब तक तीन लाख से अधिक घरों में छिड़काव किया जा चुका है।

वहीं, 12 हजार 651 स्थानों पर मच्छरों के प्रजनन का लार्वा पाया गया है। इतना ही नहीं 12 हजार 822 को कानूनी नोटिस भेजा चुका है। उल्लेखनीय है कि मई माह में मच्छरजनित बीमारियों के मामले तेजी से बढ़े थे। तीन, 18, 24 और 29 की निगम रिपोर्ट में प्रति सप्ताह तीन से चार मामले दर्ज हो रहे थे। अकेले 29 में से 15 मामले मई माह में ही दर्ज किए गए थे।

इसकी वजह से सिविक एजेंसियों के हाथ पांव फूल गए थे। जिसके बाद निगमों ने 30 मई से मच्छरजनित बीमारियों के खिलाफ महाअभियान शुरू कर दिया था। जिसके तहत घर-घर जांच के साथ सार्वजनिक स्थलों पर मच्छरों का प्रजनन रोकने के लिए दवाइयों का छिड़काव करना था। जिसके परिणामस्वरुप मच्छरजनित बीमारियों का प्रकोप कम देखने को आ रहा है। बीते सप्ताह की रिपोर्ट में भी एक मरीज सामने आया था।

Edited By: Mangal Yadav