नई दिल्ली [जेएनएन]। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने निचली अदालत में उनके खिलाफ दायर आपराधिक मानहानि मामले में की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों को हटाने के लिए हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। न्यायमूर्ति मुक्ता गुप्ता की पीठ ने मानहानि मुकदमा दायर करने वाले केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

अदालत ने जेटली से पूछा कि क्यों न मुख्यमंत्री के खिलाफ की गई टिप्पणियों को हटा दिया जाए। निचली अदालत ने अभियोग तय करते हुए टिप्पणिया की थीं। मामले की अगली सुनवाई 13 जुलाई को होगी।

जेटली ने आरोप लगाया था कि मुख्यमंत्री समेत 'आप' नेता आशुतोष, कुमार विश्वास, संजय सिंह, राघव चढ्डा और दीपक वाजपेयी ने दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) विवाद में उन्हें बदनाम किया है। उनके खिलाफ आपत्तिजनक बयानबाजी की है।

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जेटली ने हाई कोर्ट में भी इन सभी के खिलाफ 10 करोड़ रुपये के मुआवजे को लेकर सिविल मानहानि मामला दायर किया है। निचली अदालत के समक्ष मुख्यमंत्री व अन्य 'आप' नेताओं ने आवेदन दायर कर जेटली की याचिका खारिज करने का आग्रह किया था, लेकिन अदालत ने उनका ही आवेदन खारिज कर दिया था।

अदालत ने कहा था कि मामले की सुनवाई जिस स्तर पर है, उसमें आरोपियों को सुनने का कोई आधार नहीं है। याची ने दुर्भावनापूर्ण व सुनवाई टालने के उद्देश्य से याचिका दायर की है। अदालत ने केजरीवाल के उस आवेदन को भी खारिज कर दिया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्होंने अरुण जेटली को बदनाम करने के लिए कोई टिप्पणी नहीं की थी।

केजरीवाल के वकील ने सुनवाई के दौरान कहा कि अदालत की इन आपत्तिजनक टिप्पणयों को समाचार पत्रों व सोशल मीडिया ने अलग निष्कर्ष निकाला था। अदालत ने उन्हें मीडिया द्वारा निकाले गए निष्कर्ष संबंधी दस्तावेज 22 मई तक पेश करने का निर्देश दिया है। 

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Posted By: Amit Mishra

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