फरीदाबाद [हरेंद्र नागर]। साल 2015 में आई सलमान खान-करीना कपूर फिल्म 'बजरंगी भाईजान' में दिखाया गया है कि अभिनेता सलमान खान माता-पिता से बिछड़ी बच्ची को पाकिस्तान छोड़कर आते हैं। नेपाल से भटककर आए 12 साल के बच्चे के लिए फरीदाबाद मिसिंग सेल प्रभारी नरेंद्र शर्मा कुछ ऐसा ही करेंगे। बच्चे के माता-पिता आर्थिक रूप से बेहद कमजोर हैं। उन्होंने बच्चे को लेने के लिए भारत आने में असमर्थता जताई है। ऐसे में अब नरेंद्र बच्चे को नेपाल पहुंचाने की कोशिश में जुटे हैं। यह बच्चा चीन की सीमा से सटे गांव रुगार्ड, थाना सिरमोघ, नेपाल का रहने वाला है। वह भटकते हुए नेपाल-भारत की सीमा पर पहुंच गया था। नासमझी के कारण वहां चुपके से भारत के एक ट्रक में पीछे बैठ गया।

इसके बाद जब ट्रक कहीं रुकता तो वह उसमें से उतरकर दूसरे में बैठ जाता। किसी तरह वह खाने-पीने का भी इंतजाम करता रहा। आखिर में वह एक ट्रक में बैठा जो रविवार शाम फरीदाबाद सेक्टर-58 ट्रांसपोर्ट नगर पहुंचा। जब ट्रक रुका तो बच्चा भी ट्रक से बाहर निकलने की कोशिश करने लगा। चालक ने उसे देख लिया। उसने बच्चे को अपने पास बिठा लिया और सेक्टर-58 थाना पुलिस को इस बारे में सूचित कर दिया।

सेक्टर-58 पुलिस ने बच्चे से पूछताछ की तो उसने अपना नाम श्यामलाल और पिता का नाम प्रकाश बताया। साथ ही उसने अपने गांव के बारे में भी बताया। शुरू में पुलिस को विश्वास ही नहीं हुआ कि बच्चा नेपाल से यहां पहुंच सकता है। मिसिंग सेल प्रभारी नरेंद्र शर्मा ने क्राइम ब्रांच में लंबा समय गुजारा है। कई मामलों में अपराधी नेपाल भाग जाते हैं, ऐसे में वे वहां अकसर जाते रहते थे।

इसके चलते नेपाल पुलिस से उनके संबंध काफी अच्छे हो गए। उन्हें बच्चे की जानकारी शाम को करीब छह बजे मिली और रात करीब आठ बजे तक बच्चे के माता-पिता के बार में जानकारी हासिल कर ली। उन्होंने नेपाल पुलिस में अपने दोस्त पुलिस अधिकारी से संपर्क कर बच्चे का नाम व गांव के बारे में बताया। दोस्त पुलिस अधिकारी ने संबंधित थाना पुलिस को बच्चे के घर भेजा। वहां उसके मां-बाप ने बताया कि बच्चा कई दिन से गुम है। वे अपने स्तर पर उसकी काफी तलाश कर रहे थे, मगर कुछ पता नहीं चल रहा था। माता-पिता उसके लिए काफी परेशान थे।

नेपाल पुलिस ने उन्हें बताया कि बच्चा भारत में पुलिस को मिल गया है। उन्हें मोबाइल में बच्चे का फोटो दिखाया तो उन्होंने उसे अपने बेटे के रूप में पहचान लिया। बच्चे के माता-पिता आर्थिक रूप से कमजोर हैं और बच्चे को लेने भारत नहीं आ सकते। उन्होंने मिसिंग सेल से बच्चे को घर तक पहुंचाने की गुहार लगाई है। नरेंद्र का कहना है कि बच्चे को फिलहाल शेल्टर होम में रखा गया है। वे उसे नेपाल पहुंचाने की तैयारी में जुट गए हैं। पुलिस आयुक्त संजय कुमार से आदेश लेकर अब वे उसे खुद नेपाल छोड़कर आएंगे।

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