नई दिल्ली [संजीव गुप्ता]। दिल्ली-एनसीआर के मौसम और प्रदूषण की जानकारी पाने के लिए अब अलग-अलग साइटों पर जाने की जरूरत नहीं रह गई है। सब कुछ एक ही साइट पर उपलब्ध करा दिया गया है। जी हां, भारत मौसम विज्ञान विभाग (आइएमडी) ने अर्बन मेट्रोलाजिकल सर्विस के लिए एक नया वेबपोर्टल शुरू किया है। करीब दो माह पूर्व ट्रायल आधार पर लांच किए गए इस पोर्टल ने पूर्ण रूप से जानकारी देना शुरू कर दिया है।

गौरतलब है कि अभी तक मौसम और प्रदूषण की जानकारी लेने के लिए दिल्ली-एनसीआर के निवासियों को अलग-अलग साइटों पर जाना पड़ता था। इसकी वजह से लोग परेशान ही नहीं, उलझन में भी रहते थे। वजह, हर साइट की सूचनाओं में अंतर होना। इनमें प्रामाणिकता का भी अभाव रहता था। लेकिन, आइएमडी ने इस समस्या का स्थायी समाधान निकाल दिया है।जानकारी के मुताबिक, आइएमडी के इस वेबपोर्टल से 58 एयर क्वालिटी मानिटरिंग एवं नौ वेदर स्टेशनों को जोड़ा गया है। यहां लोग रडार और सैटेलाइइट आब्जर्वेशन के बारे में भी जानकारी ले सकते हैं। इस पोर्टल पर अगले तीन घंटे के लिए नाउकास्ट सर्विस, सात दिनों का पूर्वानुमान, वेदर अलर्ट, वेदर वार्निंग सभी तरह की जानकारी एक ही जगह मिल जाती है। अलग- अलग जिलों के हिसाब से लोग यहां वार्निंग देख सकते हैं, जिसमें आंधी, बारिश, लू, सर्दी से संबंधित जानकारी शामिल है।

इस वेबपोर्टल पर लोगों को हवा की गुणवत्ता से संबंधित जानकारी के साथ-साथ ही रियल टाइम तापमान, नमी, बारिश, हवा की दिशा और गति आदि के बारे में भी जानकारी मिलती है। साथ ही यहां पीएम 10, पीएम 2.5, ओजोन स्तर और एयर क्वालिटी इंडेक्स की जानकारी भी उपलब्ध है। एयर क्वालिटी की जानकारी दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न मानिटरिंग स्टेशनों पर आधारित होगी, इससे लोग खुद भी हाट स्पाट की पहचान कर सकेंगे। वेबपोट्रल के लिए सारा डेटा केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी), दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी), हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, आइआइटीएम पुणे और आइएमडी से लिया जा रहा है।

आइएमडी अधिकारी का बयान

आइएमडी की लगातार यही कोशिश चल रही है कि मौसम से जुड़ी सेवाओं को जन उपयोगी बनाया जा सके। हम अपने पूर्वानुमान को भी बेहतर और सटीक बनाने में लगे हुए हैं और अन्य सेवाओं का दायरा भी बढ़ा रहे हैं। अर्बन मेट्रोलाजिकल सर्विस के तहत दिल्ली और एनसीआर के लिए शुरू किया गया वेबपोर्टल भी इसी दिशा में किया गया प्रयास है।

-डा. मृत्युंजय महापात्रा, महानिदेशक, आइएमडी

Edited By: Vinay Kumar Tiwari