विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 08, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Delhi Crime: आठ पिस्टल व दो मैग्जीन के साथ हथियार तस्कर गिरफ्तार

By Mangal YadavEdited By:
Published: Sun, 08 May 2022 04:25 PM (IST)Updated: Sun, 08 May 2022 06:14 PM (IST)

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने कुख्यात हथियार तस्कर को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। बदमाश की पहचान ...और पढ़ें

दिल्ली में अंतरराज्यीय हथियार तस्करी का पर्दाफाश, कुख्यात बदमाश गिरफ्तार
दिल्ली में अंतरराज्यीय हथियार तस्करी का पर्दाफाश, कुख्यात बदमाश गिरफ्तार

नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने हथियार तस्कर मंदीप कुमार उर्फ काली को मुकरबा चौक से गिरफ्तार किया है। इसके पास से प्वाइंट 32 व प्वाइंट 30 बोर के आठ पिस्टल व दो अतिरिक्त मैग्जीन बरामद की गई है। आरोपित मध्य प्रदेश के बुरहानपुर से पिस्टल लेकर उसे दिल्ली व पंजाब के बदमाशों को बेचता था। मार्च से अबतक वह उक्त दोनों राज्यों के बदमाशों को 20 पिस्टल बेच चुका है। डीसीपी प्रमोद सिंह कुशवाहा के मुताबिक एसीपी ललित मोहन नेगी व हृदय भूषण के नेतृत्व में इंस्पेक्टर प्रवीण दुग्गल व राकेश राणा की टीम ने अंतरराज्यीय तस्कर मंदीप को गिरफ्तार किया। वह रवि दास मंदिर वाली गली, रामतीर्थ रोड, ग्वालमंडी, अमृतसर, पंजाब का रहने वाला है।

मंदीप के खिलाफ पहले के आ‌र्म्स एक्ट, एनडीपीएस एक्ट और हत्या के प्रयास के 10 मामले है। वह मार्च से दिल्ली और पंजाब के बदमाशों को अवैध हथियार व कारतूस आपूर्ति कर रहा था। 2012 में वह अमृतसर के ड्रग्स तस्कर साहिल उर्फ कालू के संपर्क में आया था। इसके बाद उसने साहिल के लिए तस्करी करनी शुरू कर दी थी। उसी साल पंजाब पुलिस ने उसे पहली बार गिरफ्तार किया था।

जेल से बाहर आने के बाद भी उसने अपने तरीके नहीं बदले और नशीले पदार्थों की तस्करी में लगा रहा। बाद में उसे अमृतसर से हत्या के प्रयास और आ‌र्म्स एक्ट के एक मामले में भी गिरफ्तार किया गया। गुरदासपुर जेल में रहते हुए उसकी मुलाकात बुरहानपुर के एक हथियार सप्लायर से हुई जो दिल्ली व पंजाब में हथियारों की आपूर्ति के आरोप में अपने दो सहयोगियों के साथ जेल में था। जेल में मंदीप ने उसने हथियार बेचने को कहा। दिसंबर 2021 में जेल से बाहर आने के बाद मंदीप ने बुरहानपुर में हथियार सप्लायर से मुलाकात की। उसके बाद से उसने अवैध हथियार खरीद कर दिल्ली और पंजाब के अपराधियों को बेचने शुरू कर दिए। वह 20 से 25 हजार में हथियार खरीदकर उसे 30 से 35 हजार में बेच देता था।