नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। उत्तरी दिल्ली नगर निगम ने स्वच्छता सर्वेक्षण में बेहतर स्थान प्राप्त करने के लिए ओडीएफ प्लस प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करने का फैसला लिया है। इसके लिए दिसंबर में सर्वेक्षण होगा। उसके बाद निगम की ओर से किए गए कार्यो की समीक्षा होगी।

ओडीएफ प्लस के लिए जिन मानकों की आवश्यकता होती है अगर निगम उस पर खरा उतरता है तो इसका लाभ निगम को स्वच्छ सर्वेक्षण 2022 में मिलेगा, क्योंकि उस सर्वेक्षण में इसके भी अतिरिक्त अंक मिलते हैं। इसको लेकर निगम सदन में पर्यावरण प्रबंधन विभाग के कर्मियों की कार्यशाला ओडीएफ प्लस प्रमाण पत्र लेने के लिए हुई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए निगमायुक्त संजय गोयल ने कहा कि निगम का मुख्य कार्य क्षेत्र में सफाई व्यवस्था बनाए रखना है। इसके लिए निगम के कर्मचारी दिन-रात कार्य कर रहे हैं।

उन्होंने बताया कि स्वच्छ सर्वेक्षण 2021 के तहत सर्वश्रेष्ठ मेगा सिटी 'नागरिक प्रतिक्रिया' श्रेणी में उत्तरी दिल्ली नगर निगम को प्रथम स्थान मिलने पर सम्मानित किया गया, जो हम सभी के लिए गर्व की बात है। गोयल ने कहा कि इस बार स्वच्छता सर्वेक्षण में हम अपनी रैंकिंग बेहतर करने के लिए और अधिक प्रयास करेंगे। उन्होंने बताया कि उत्तरी निगम को वर्ष 2019 में ओडीएफ प्रमाणपत्र मिल गया था। इसके बाद से ही हम ओडीएफ प्लस प्रमाणपत्र प्राप्त करने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।

उन्होंने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन 2.0 के अंतर्गत ओडीएफ प्लस प्रमाणपत्र के लिए केंद्र सरकार के आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय की ओर से मेसर्स एक्विया को नियुक्त किया गया है और दिसंबर के पहले सप्ताह में इसके लिए सर्वेक्षण किया जाएगा। आयुक्त ने बताया कि उत्तरी दिल्ली नगर निगम ने इस संबंध में कार्यशाला का आयोजन किया है और निगम अधिकारियों व कर्मचारियों की रोस्टर के अनुसार ड्यूटी लगाई गई है।

Edited By: Pradeep Chauhan