नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। सातवें पूवरेत्तर महोत्सव में नोएडा के मूलभूत सुख-सुविधाओं से वंचित गरीब बच्चों ने सत्रियां नृत्य की प्रस्तुति देकर सबको चकित कर दिया। इसका कारण यह था कि यह बच्चे असम के नहीं थे, तो भी असम के इस लोक नृत्य की अद्भुत प्रस्तुति दी। मीनाक्षी मेधी के मार्गदर्शन में नोएडा के इन बच्चों ने केवल 10 दिन के प्रशिक्षण के बाद इस मुश्किल नृत्य शैली को मंच पर बेहतरीन तरीके से उतारा।

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (आइजीएनसीए) में आयोजित पूवरेत्तर महोत्सव में काफी लोग पहुंच रहे हैं। फूड स्टॉल, फोटो प्रदर्शनी, एंपिथियेटर और कपड़ों के दूसरे स्टॉलों पर भी लोगों की खासी भीड़ दिखी। इस महोत्सव में पूवरेत्तर के फैशन डिजाइनरों एलिजाबेथ (मेघालय), यूरा मेरी (अरुणाचल प्रदेश) प्रियंका पेल्ला (सिक्किम) एडिएन (मणिपुर) की ओर से पेश किए गए फैशन शो को फैशन क्षेत्र के दिग्गजों और दीवानों ने खूब सराहा।

विपुल छेत्री और द ट्रैवलिंग बैंड ने नॉर्थ ईस्ट फेस्टिवल के पहले दिन शानदार प्रस्तुति दी। महोत्सव के प्रमुख आयोजक श्यामकानू महंता ने कहा कि हम महोत्सव के पहले दिन लोगों का रिस्पांस देखकर काफी खुश हैं। हम नोएडा के बच्चों का भी आभार व्यक्त करते हैं, जिन्होंने काफी थोड़े समय में सत्रियां डांस को सीखकर स्टेज पर बेमिसाल परफॉर्मेस दी।

 

हम उत्तरी भारत और पूवरेत्तर के बीच खाई को पाटने की कोशिश कर रहे हैं। यह वास्तव में मानसिक और सांस्कृतिक रूप से पूवरेत्तर और उत्तरी भारत के बीच गहरी खाई को भरने की कोशिश है। इससे उत्तर भारत में रहने वाले लोग पूवरेत्तर की संस्कृति से परिचित हो सकेंगे।

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Posted By: Pooja Singh

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