नई दिल्ली [संजीव गुप्ता]। दिल्ली में अब केवल पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) पर आधारित औद्योगिक इकाइयां ही चल सकेंगी। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) ने इस दिशा में सार्वजनिक सूचना जारी कर गैर पीएनजी इकाइयों को स्थायी तौर पर बंद करने का निर्णय लिया है। केवल उन्हीं इलाकों को छूट रहेगी, जहां पर अब तक पीएनजी का नेटवर्क नहीं पहुंचा है। हालांकि, इन औद्योगिक इकाइयों के लिए भी गैर प्रदूषित ईंधन का इस्तेमाल करना अनिवार्य है।

पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण एवं संरक्षण प्राधिकरण (ईपीसीए) के निर्देश पर डीपीसीसी जून 2018 में ही फर्नेस ऑयल, पेटकॉक और डीजल जैसे अत्यधिक प्रदूषण फैलाने वाले ईंधनों को प्रतिबंधित किए जाने की अधिसूचना जारी कर चुकी है।

दिल्ली की सभी औद्योगिक इकाइयों को पीएनजी में शिफ्ट होने का आदेश भी उसी समय जारी किया गया था। इसके लिए 30 सितंबर 2018 तक की समय सीमा रखी गई थी। बाद में उद्यमियों के अनुरोध पर इसे बढ़ाकर 31 दिसंबर 2018 कर दिया गया था। अप्रत्यक्ष रूप से इसके बाद भी समय सीमा में ढील दी जाती रही, लेकिन सौ फीसद का लक्ष्य हासिल नहीं हुआ। बताया जाता है कि समय सीमा में कई बार छूट देने पर भी बहुत से उद्यमी हीलाहवाली कर रहे हैं।

इसी के मद्देनजर डीपीसीसी ने अब इन पर स्थायी तौर पर ताला जड़ने की तैयारी कर ली है। हालांकि, दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण की विकट स्थिति के चलते 25 अक्टूबर से तो सीपीसीबी की टास्क फोर्स ने वैसे ही ऐसी सभी औद्योगिक इकाइयों पर प्रतिबंध लगाया हुआ है, लेकिन अब वह दिल्ली में तो दोबारा खुल भी नहीं पाएंगी। डीपीसीसी अधिकारियों के मुताबिक प्रतिबंधित ईंधन छोड़कर पीएनजी का स्वच्छ ईंधन नहीं अपनाने वाली सभी इकाइयों पर सीधे ताला लगाया जाएगा।

डीपीसीसी के एक अधिकारी ने बताया कि अधिकांश उद्यमियों ने अपनी इकाई को पीएनजी ईंधन में शिफ्ट कर लिया है। जिन इलाकों में अभी तक इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड का नेटवर्क नहीं है, वहीं पर समस्या बनी हुई है। उन्होंने बताया कि अब जहां भी प्रतिबंधित ईंधन का प्रयोग होता मिलेगा, उस इकाई को सील करने की कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही जुर्माना भी लगाया जाएगा।

निगम ने किए 191 चालान

दिल्ली में प्रदूषण पर निगमों ने 191 चालान की कार्रवाई की है। साथ ही मलबा उठाकर धूल से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए कदम उठाए हैं। दक्षिणी दिल्ली निगम के अनुसार, धूल से होने वाले प्रदूषण व कचरा जलाने को लेकर 191 चालान किए गए है। नेशनल ग्रीन टिब्यूनल (एनजीटी) के प्रावधानों के तहत निगम ने 2.20 लाख रुपये का जुर्माना वसूल किया है। वहीं उत्तरी दिल्ली निगम के तहत निगम ने 434.34 मीट्रिक टन मलबा विभिन्न स्थानों से उठाया है। साथ 186 वर्ग मीटर सड़क की मरम्मत की गई है।

प्रतिबंध अब बृहस्पतिवार की सुबह तक जारी रहेंगे

प्रदूषण की स्थिति फिर खराब होते देख दिल्ली-एनसीआर में लगे तमाम प्रतिबंध अब बृहस्पतिवार की सुबह तक जारी रहेंगे। इस आशय का निर्णय सोमवार शाम केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की टास्क फोर्स की बैठक में लिया गया।

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Posted By: Mangal Yadav

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