नई दिल्ली [वीके शुक्ला]। उत्तरी दिल्ली जिला में भ्रष्टाचार की नई नई परतें खुल रही हैं।इस जिला में एडीएम (अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट) रहते हुए दानिक्स अधिकारी नितिन जिंदल ने जिंदपुर में वन विभाग की 18 बीघा जमीन एक व्यक्ति के नाम कर दी।मामला सामने आने पर राजस्व विभाग ने प्रथम ²ष्टया जांच में इनके खिलाफ आरोप सही पाए हैं और मामले की जांच दिल्ली सरकार के सतर्क विभाग को सौंप दी है।

सरकार से जुड़े सूत्रों का कहना है कि जल्द ही इनके भी बड़ी कार्रवाई होने जा रही है। ये इस समय अंडमान निकोबार में तैनात है। पूरा मामला 2021 का है। जब दिल्ली कोरोना से जूझ रही थी तो अधिकारी सरकारी जमीन निजी लोगों के नाम कर रहे थे।

उत्तरी दिल्ली में तिवोली गार्डन फार्म हाउस के बगल वाली महंगी जमीन पर एक व्यक्ति ने अपनी जमीन होने का दावा किया था और एसडीएम के यहां दावा लगाया था, मगर एसडीएम ने दावा गलत मानते हुए इसे खारिज कर दिया।जिस पर उस व्यक्ति ने उस समय के एडीएम नितिन जिंदल के यहां सुनवाई करने की अपील की।

नियम के तहत नितिन जिंदल को चाहिए था कि अपील को सुनते और दावा करने वाले की बात सही लगती तो उस पर कार्रवाई के लिए मामले को उसी एसडीएम के पास भेजते, जिसने दावा खारिज किया था। मगर नितिन जिंदल ने ऐसा नहीं किया, बल्कि स्वयं ही 17 मार्च 2021 को आदेश जारी कर दिया और यह 18 बीघा जमीन दावा करने वाले के नाम कर दी।

यहां गौर करने वाली बात यह है कि जो यह 18 बीघा जमीन एक व्यक्ति को दी गई, यह दिल्ली भूमि सुधार अधिनियम 1954 के तहत नहीं आती है।यह जमीन कभी ग्रामसभा की रही थी, मगर बाद में वन विभाग के पास आ गई थी।जिसे किसी को भूमिदारी के तहत नहीं दिया जा सकता है। मगर इस जमीन को भूमिदारी के तहत एक व्यक्ति को दे दिया गया।

यह मामला दिल्ली विधानसभा की याचिका समिति में की गई शिकायत के बाद उजागर हुआ है। याचिका समिति इस बारे में सुनवाई कर रही है।

सुनवाई पर सोमवार को पेश हुए मंडलायुक्त ने याचिका समिति को बताया है कि वन विभाग की जमीन के मामले में एडीएम रहे दानिक्स अधिकारी नितिन जिंदल के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।

Edited By: Jp Yadav