नई दिल्ली, एएनआइ/ प्रेट्र। निर्भया सामूहिक दुष्कर्म मामले में तिहाड़ जेल ने दिल्ली की एक अदालत से दोषी मुकेश के खिलाफ नया डेथ वारंट जारी करने की मांग की है। तिहाड़ जेल अधिकारियों का प्रतिनिधित्व करने वाले सरकारी वकील ने दिल्ली की अदालत को सूचित किया कि राष्ट्रपति ने दोषी मुकेश की दया याचिका को खारिज कर दिया है। लोक अभियोजक ने न्यायालय से अनुरोध किया है कि वह डेथ वारंट की नई तारीख और समय जारी करें।

वहीं निर्भया मामले में दिल्ली की कोर्ट में सुनवाई साढ़े चार बजे तक टल गई है। कोर्ट ने तिहाड़ जेल के अधिकारियों से पूछा है कि क्या दोषी मुकेश को उसकी दया याचिका राष्ट्रपति की ओर से खारिज होने की जानकारी दी गई है। उधर, एक अन्य दोषी पवन के वकील ने अदालत को बताया कि हाई कोर्ट द्वारा उसे नाबालिग मानने की याचिका खारिज होने के बाद उसने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है।

निर्भया केस का दोषी पवन गुप्ता खुद को नाबालिग बताते हुए सुप्रीम कोर्ट में स्पेशल लीव पिटिशन दायर की है। पवन गुप्ता का दावा है कि जब घटना घटी थी तब वह नाबालिग था। पवन का आरोप है कि दिल्ली हाई कोर्ट ने इस तथ्य को ध्यान से नहीं सुना है।

बता दें कि अभी दो दोषियों की क्यूरेटिव पिटीशन दायर होना बाकी है। इसके बाद तीन दोषियों की दया याचिका भी दायर होगी। जेल नियमावली के मुताबिक किसी अपराध के दोषियों को जब डेथ वारंट जारी होता है तो उन्हें फांसी भी एक साथ देनी पड़ती है। ऐसे में माना जा रहा है कि दोषियों को एक फरवरी को भी फांसी नही हो सकेगी।

 

Posted By: Mangal Yadav

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