नई दिल्ली [माला दीक्षित]। निर्भया के दोषी मुकेश सिंह और अक्षय को सुप्रीम कोर्ट से एक और झटका लगा है। कोर्ट ने मुकेश की उस याचिका को खारिज कर दिया है जिसमें उसने दावा किया था कि घटना के दौरान वह दिल्ली में मौजूद ही नहीं था। दिल्ली हाई कोर्ट ने मुकेश की इस याचिका को खारिज कर दिया था जिसके बाद दोषी ने सुप्रीम कोर्ट में हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती दी थी।

मुकेश ने याचिका के माध्यम से अपराध के दिल्ली में ना होने का दावा करते हुए दस्तावेज मंगाने की मांग की थी। 

जस्टिस आर बनुमथी, अशोक भूषण और ए एस बोपन्ना की पीठ ने कहा कि दोषी ने अपने सभी उपायों को समाप्त कर दिया है। इस स्तर पर दोषी की नई याचिका पर विचार नहीं किया जा सकता। इससे पहले दिल्ली हाई कोर्ट ने बुधवार को कहा था कि ट्रायल कोर्ट के विस्तृत और तर्कपूर्ण आदेश में हस्तक्षेप करने का कोई आधार नहीं है।

इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने एक अन्य दोषी अक्षय की भी खारिज को खारिज कर दिया है। अक्षय ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के दया याचिका ठुकराने के फैसले को चुनौती दी थी। 

मुकेश ने  हाई कोर्ट के फैसले को दी चुनौती

दोषी मुकेश सिंह ने बुधवार को हाई कोर्ट में भी एक चुनौती याचिका दायर की थी। इसमें मंगलवार को निचली अदालत के फैसले को चुनौती दी गई है। मुकेश ने निचली अदालत में अर्जी देकर कहा था कि 16 दिसंबर 2012 को जब अपराध हुआ था उस समय वह दिल्ली में था ही नहीं। पुलिस उसे 17 दिसंबर को राजस्थान से लाई और गलत फंसा दिया। लिहाजा उसे जो फांसी की सजा हुई है, उसे खारिज किया जाए। निचली अदालत ने इस अर्जी को खारिज कर दिया था। अब बुधवार को हाई कोर्ट में चुनौती दी गई तो न्यायमूर्ति बृजेश सेठी ने याची पक्ष की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया और देर शाम अर्जी को खारिज कर दिया था।

बता दें कि ट्रायल कोर्ट ने 5 मार्च को निर्भया के चारों दोषियों मुकेश सिंह, पवन गुप्ता, विनय शर्मा और अक्षय के खिलाफ डेथ वारंट जारी करते हुए 20 मार्च को सुबह 5.30 बजे दोषियों को फांसी देने का आदेश दिया है। फांसी से बचने के लिए दोषी मुकेश सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। लेकिन उसे एक बार फिर से निराशा हाथ लगी। 

Posted By: Mangal Yadav

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