नई दिल्ली (जेएनएन)। नोटबंदी ने आतंकियों की कमर किस तरह तोड़ी, इसका सुबूत ठीक एक साल बाद मिला है। एनआइए ने कश्मीर में आतंकी फंडिंग से जुड़े 36 करोड़ 34 लाख 78 हजार रुपये के पुराने नोट बरामद किए हैं। आतंकी सोमवार को इन नोटों को नए नोटों में बदलवाने की कोशिश कर रहे थे।

इस सिलसिले में दिल्ली, उत्तर प्रदेश, कश्मीर, मुंबई और नागपुर के दस लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा गिरोह में शामिल अन्य कई लोगों की तलाश की जा रही है।

एनआइए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आतंकी फंडिंग के सिलसिले में गिरफ्तार हुर्रियत नेताओं से पूछताछ के दौरान पता चला कि आतंकी फंडिंग से जुड़े करोड़ों रुपये के पुराने नोट अब भी मौजूद हैं, जिन्हें सरकार की सख्ती के कारण नए नोटों में नहीं बदलवाया जा सका था।

गिरफ्तार आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर एनआइए ने कश्मीर के कई संदिग्धों पर नजर रखनी शुरू कर दी। सोमवार को जब आरोपी दिल्ली में पुराने नोटों को नए नोट में बदलवाने की कोशिश में जा रहे थे, तो उन्हें दिल्ली के कनॉट प्लेस इलाके में दबोच लिया गया।

चार लक्जरी गाड़ियों में भरे थे नोट

वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार सात आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार कर लिया गया और चार लक्जरी गाड़ियों में रखे सारे पुराने नोटों को बरामद कर लिया गया। इन नोटों को गत्ते के 28 बड़े-बड़े डिब्बों में रखा गया था।

जिन गाड़ियों में ये पैसे रखे गए थे, उनमें दो-दो बीएमडब्ल्यू, एक क्रेटा और एक फोर्ड इकोस्पोर्ट्स थी। उन्होंने कहा कि इनसे पूछताछ के आधार पर दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। जबकि, पंजाब समेत देश के कई भागों में इस रैकेट से जुड़े अन्य आरोपियों के ठिकानों पर छापा मारा जा रहा है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में कई अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी हो सकती है।

ये हुए गिरफ्तार

जिन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है कि उनमें जम्मू-कश्मीर से पुलवामा का उमर मुस्ताक डार, अनंतनाग का माजिद, अनंतनाग का यूसुफ सोफी, श्रीनगर का शाहनवाज मीर, दिल्ली के सरायकाले खां का प्रदीप चौहान, सैनिक फार्म का भगवान सिंह, मुंबई का दीपक टोपानी व विनोद श्रीधर शेट्टी, उत्तर प्रदेश के अमरोहा का एजाजुल हसन और नागपुर का जसविंदर सिंह शामिल है।

Posted By: JP Yadav

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