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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 02, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कारोबारी पर सहकर्मी से दुष्कर्म का झूठा मुकदमा …और टूट गया परिवार, छूट गया समाज

Published: Tue, 02 Sep 2025 07:33 PM (IST)

पटना से दिल्ली आकर सीसीटीवी कैमरे का कारोबार करने वाले युवक की जिंदगी दुष्कर्म के झूठे आरोप ने बर्बाद कर ...और पढ़ें

दुष्कर्म का झूठे मुकदमें की वजह से सब पीछे छूट गया।
दुष्कर्म का झूठे मुकदमें की वजह से सब पीछे छूट गया।

HighLights

  1. दिल्ली में कारोबारी की झूठे आरोप से बर्बादी
  2. झूठे आरोप से पांच करोड़ का कारोबार तबाह
  3. पत्नी का गर्भपात, परिवार का सामाजिक बहिष्कार

जागरण संवाददाता, पूर्वी दिल्ली। कड़कड़डूमा कोर्ट ने नौ वर्ष तक चले केस के बाद दुष्कर्म के आरोपी कारोबारी को निर्दोष करार दिया और अब उनके ऊपर झूठा आरोप लगाने वाली महिला के खिलाफ मुकदमा चलेगा। लेकिन इन नौ साल में कारोबारी का परिवार टूट गया और समाज के लोगों ने उससे दूरी बना ली।

कारोबार करने के लिए पटना से दिल्ली आए युवक ने पत्नी के साथ मिलकर यहां खुशहाल जीवन की शुरुआत की। वर्ष 2010 में सीसीटीवी कैमरे बनाने की कंपनी शुरू की। छह साल कड़ी मेहनत कर कंपनी को मुकाम तक पहुंचाया।

दूसरों को रोजगार दिया। जीवन खुशहाल चल रहा था। लेकिन, सहकर्मी के दुष्कर्म के झूठे आरोप ने युवक की जिंदगी ऐसी तबाह की वह अर्श से फर्श पर आ गए। घटना के बाद, पत्नी का गर्भपात हो गया, उनके जेवर बिक गए, कारोबार ध्वस्त हो गया। बड़े भाई ने गम में दम तोड़ दिया।

समाज के ताने शूल से चुभते रहे। लोगों ने दूरी बना ली। पीडि़त युवक ने बताया कि अब बीते दो साल से दोबारा दूसरा कारोबार कर पटना में ही जीवन को पटरी पर लाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन राह अब उतनी आसान नहीं रही।

युवक ने बताया कि उस समय उनकी कंपनी का टर्नओवर पांच करोड़ रुपये था। 50 से ज्यादा लोग उनके यहां नौकरी करते थे। उनकी कंपनी में बने सीसीटीवी कैमरे पूरे देश में सप्लाई होते थे।

जब अप्रैल 2016 में उनकी महिला कर्मचारी ने उन पर दुष्कर्म करने का आरोप लगा मुकदमा दर्ज कराया तो वह मानसिक रूप से परेशान हो गए। उस कठिन घड़ी में उनका परिवार उनके साथ खड़ा था, लेकिन बाकी समाज ने उनको एक तरह से दोषी मानकर दूरियां बना लीं।

जिस वक्त मुकदमा हुआ था, उस समय पत्नी पांच माह की गर्भवती थीं। चिंता में गर्भपात को गया। कारोबार में करीब 50 लाख रुपये का नुकसान हो गया, मार्केट से बकाया राशि नहीं मिली। कारोबारी रिश्ते भी टूट गए। केस लड़ने में पत्नी के जेवर तक बिक गए।

करीब 20 लाख रुपये कानूनी लड़ाई लड़ने पर खर्च हुआ। इस केस के गम को उनके बड़े भाई बीमार रहने लगे और हार्ट अटैक से उनकी मृत्यु हो गई।

वह दोबारा से जीवन को पटरी पर लाने के लिए पुराना कारोबार छोड़ इलेक्ट्रानिक आइटम की ट्रेडिंग कर रहे हैं। जिसमें अतीत के चलते कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

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