नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) का विकास लंदन, टोक्यो और शंघाई जैसे शहरों के विकास मॉडल की तर्ज पर होगा। दिल्ली को संवारने के लिए एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की 2041 की कार्य योजना तैयार की जा रही है। राष्ट्रीय राजधानी को विश्व स्तरीय बनाने के लिए इसका विस्तार 55 हजार वर्ग किमी तक किये जाने की योजना है। कार्य योजना को अगले 20 साल की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया जाएगा। कार्य योजना के प्रारुप को हर हाल में 2021 तक पूरा कर लिया जाएगा।

'एनसीआर 2041' की योजना पर बोर्ड के आयोजित सम्मेलन में केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के सचिव दुर्गाशंकर मिश्र ने एनसीआर क्षेत्र के समग्र विकास के लिए गठित एनसीआर प्लानिंग बोर्ड से सोमवार को कहा कि उसे दिल्ली एनसीआर क्षेत्र की मौजूदा चुनौतियों को देखते हुए 2041 की कार्ययोजना को 2021 तक अधिसूचित कर देना चाहिए। मिश्र ने उद्घाटन करने के बाद बोल रहे थे।

सकारात्मक सहयोग की अपील 

उन्होंने 'एनसीआर 2041' की योजना पर बोर्ड में शामिल चारों संबंधित राज्य सरकारों से इस काम में सकारात्मक सहयोग की अपील की। मिश्र ने कहा कि एनसीआर प्लानिंग बोर्ड ने एनसीआर क्षेत्र में आगामी 20 सालों की चुनौतियों को ध्यान में रखकर इसके सतत विकास का खाका तैयार करना चाहिए। राष्ट्रीय राजधानी प्रक्षेत्र के सतत विकास को पूरा करने के लिए लंदन, जोहानिसबर्ग, तोक्यो और शंघाई सहित दुनिया के सात शहरों के विकास मॉडल को अपनाया है।

दुर्गाशंकर ने दिल्ली एनसीआर क्षेत्र की इन शहरों से अलग विशिष्ट परिस्थितियों का जिक्र करते हुए 'एनसीआर 2041' में जमीन की सीमित उपलब्धता, सामाजिक, आर्थिक, पर्यावरण, भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखने की जरूरत पर बल दिया। मिश्र ने हाल ही में दिल्ली की अनधिकृत कालोनियों को नियमित करने के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि सभी महानगरों में इस तरह की कालोनियां अनियोजित विकास का नतीजा होती हैं।

20 साल की दिल्ली एनसीआर के विकास की योजना बनाने को कहा

उन्होंने एनसीआर प्लानिंग बोर्ड से इस वास्तविकता को ध्यान में रखकर अगले 20 साल की दिल्ली एनसीआर के विकास की योजना बनाने को कहा। बेहतर भविष्य की उम्मीद में महानगरों की ओर आने वालों को उम्दा नागरिक सुविधाओं वाला जीवनस्तर मुहैया कराने वाले इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किये जाने की जरुरत है। मिश्र ने कहा कि 2001 की परिस्थितयों के आधार पर 2004 में बनाये गये दिल्ली के मास्टर प्लान 2021 की अपेक्षाएं लक्ष्य के मुताबिक पूरी नहीं होने की सच्चाई और इसके कारणों का भी 2041 की कार्ययोजना में ध्यान रखा जाये।

एनसीआर प्लानिंग बोर्ड ने एक दिवसीय कार्यशाला के साथ ही 2041 के लिये दिल्ली की शहरी योजना बनाने का काम शुरु किया है। इस दौरान एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की सदस्य सचिव अर्चना अग्रवाल ने कहा कि 2040 तक एनसीआर क्षेत्र में दो करोड़ रोजगार सृजित करने लायक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किये जाएंगे। एनसीआर में पर्यावरण प्रदूषण के संकट से निपटने के लिए 2040 तक कार्बन उत्सर्जन में 80 फीसदी कमी लाना, सौ-फीसदी सीवर शोधन सुनिश्चित कर जलाशयों में सीवर जाने से रोकना और आवास, स्वास्थ्य एवं शिक्षा की मांग के मुताबिक जरूरतों की पूर्ति करने के लक्ष्य शामिल किए गए हैं।

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Posted By: Mangal Yadav

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