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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 30, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने ज्ञानवापी हिंदूओं को सौंपने का किया आग्रह, समाज से बड़ा दिल दिखाने की करेगा अपील

Published: Tue, 30 Jan 2024 10:03 PM (IST)

मुस्लिम राष्ट्रीय मंच (एमआरएम) अब समाज में ज्ञानवापी की सच्चाई बताने के साथ सद्भाव का नया रास्ता भी तैयार करेगा। ...और पढ़ें

मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने ज्ञानवापी हिंदूओं को सौंपने का किया आग्रह, समाज से बड़ा दिल दिखाने की करेगा अपील
मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने ज्ञानवापी हिंदूओं को सौंपने का किया आग्रह, समाज से बड़ा दिल दिखाने की करेगा अपील

HighLights

  1. ज्ञानवापी पर सद्भाव का नया रास्ता तैयार करेगा एमआरएम।
  2. आक्रांताओं के कृत्यों को सामने रख मुस्लिम समाज से बड़ा दिल दिखाने का होगा आग्रह।
  3. राम मंदिर मामले व तीन तलाक मुद्दे पर भी मंच ने समाज को चलाया था अभियान।

नेमिष हेमंत, नई दिल्ली। मुस्लिम राष्ट्रीय मंच (एमआरएम) अब समाज में ज्ञानवापी की सच्चाई बताने के साथ सद्भाव का नया रास्ता भी तैयार करेगा। उसके द्वारा अगले माह से राष्ट्रव्यापी अभियान चलाया जाएगा।

एमआरएम के राष्ट्रीय प्रवक्ता शाहिद सईद के अनुसार, इस अभियान में मुस्लिम समाज के सामने यह स्पष्ट किया जाएगा कि किस तरह आक्रांताओं ने एक-एक कर हिंदू आस्था के केंद्रों को जानबूझ कर निशाना बनाया। उसमें से ज्ञानवापी एक है।

ऐसे में उन आक्रांताओं के साथ खुद का संबंध स्थापित करना अब के मुस्लिम समाज को उचित नहीं है, बल्कि इसे समझते हुए ऐसे स्थलों को हिंदू समाज को सौंपकर शांति व सद्भाव का नया रास्ता तैयार करना चाहिए। वैसे भी, उक्त विवादित स्थल से टूटी-फूटी और सलामत मूर्तियां मिली है। ऐसे स्थानों पर नमाज पढ़ना जायज नहीं है।

शाहिद सईद ने बताया कि यह अभियान जमीनी स्तर चलाते हुए इससे समाज के प्रबुद्ध और राष्ट्रीय स्तर के प्रभावी लोगों को जोड़ा जाएगा। इसमें एमआरएम के राष्ट्रीय पदाधिकारियों के कार्यक्रम तय होंगे तो जिला स्तर पर संगठन जुटेगा।

 साथ ही मुस्लिमों के अलग- अलग वर्ग को साधने के लिए एमआरएम का बौद्धिक, युवा, मदरसा व महिला प्रकोष्ठ भी अपने-अपने स्तर पर अभियान चलाएगा। इसका निर्णय संगठन के राष्ट्रीय पदाधिकारियों की 24 जनवरी को हुई इंटरनेट आधारित बैठक में लिया गया है।

इसके पहले एमआरएम ने राम मंदिर मुद्दे के साथ तीन तलाक व अनुच्छेद-370 पर मुस्लिम समाज के जागरण में अहम भूमिका निभाई थी। इन मुद्दों पर संवेदनशील दिनों में देश में सद्भाव बनाए रखने में एमआरएम की भी प्रमुख भूमिका रही थी।

राष्ट्रीय प्रवक्ता के अनुसार एमआरएम चाहता है कि आपसी भाईचारा बना रहे। समस्याओं का हल बातचीत के जरिए हो। क्योंकि, अयोध्या स्थित विवादित स्थल को लेकर तनाव का लंबा दौर सभी ने देखा है। विवाद में कई जाने भी गई। कोर्ट में दशकों तक मामला चला। इस तरह मामले को लटकाने से पेचींदगी और वैमनस्यता ही बढ़ती है।

उन्होंने कहा कि देशभर में या विवादित स्थलों के आस-पास भी कई मस्जिदें और मुस्लिम धार्मिक स्थल है, लेकिन हिंदू समाज उन सभी पर दावा नहीं कर रहा है। उनका यह दावा अकारण नहीं है। इसलिए बड़ा दिल दिखाकर उन स्थलों को हिंदुओं को सौंपकर सद्भााव का नया रास्ता निकाला जाना चाहिए। मुस्लिम समाज से हम यहीं आग्रह करेंगे।