नई दिल्ली [नेमिष हेंमत]। मुस्लिम राष्ट्रीय मंच (एमआरएम) ने इंडिया इस्लामिक कल्चर सेंटर में आयोजित एक कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड समेत पांच राज्यों के चुनाव के लिए पत्रक जारी किया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक इंद्रेश कुमार की मौजूदगी में जारी पत्रक में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार के कार्यों का उल्लेख है। इसमें बताया गया है कि इन दोनों सरकारों की योजनाओं से किसानों, युवाओं, आधारभूत संरचनाओं, गरीब व महिलाओं के साथ ही अन्य वर्ग के जीवन में किस तरह, कितना बदलाव आया है। विशेष जोर मुस्लिम समाज के बिना भेदभाव विकास कार्याें का जिक्र है।

इस अवसर पर कैंसर विशेषज्ञ व एमआरएम के राष्ट्रीय संयोजक डा. मजीद तालिकोटी ने कहा कि भाजपा सरकार की शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और सशक्तिकरण की मुहिम का सीधा फायदा मुस्लिम समाज को भी हुआ है। मोर्चा के राष्ट्रीय संयोजक (मीडिया) शाहिद सईद ने बताया कि उप्र चुनाव के लिए एमआरएम के 400 कर्मठ कार्यकर्ता भाजपा के साथ मिलकर काम करेंगे। ये जन जागरण अभियान चलाते हुए मुस्लिम मतदाताओं के बीच देश-प्रदेश की सरकार की उपलब्धियों को पहुंचाएंगे। इस मौके पर उन्होंने कांग्रेस पार्टी की महासचिव प्रियंका गांधी से सवाल पूछते हुए कहा कि क्या लड़की हूं लड़ सकती हूं का अभियान केवल उत्तर प्रदेश में ही लागू होता है? राजस्थान व अन्य कांग्रेस शासित राज्यों में जहां कहीं भी महिलाओं पर अत्याचार होता है, उस पर कांग्रेस पार्टी के साथ वह क्यों खामोश रहती हैं ?

उत्तराखंड मदरसा बोर्ड के चेयरमैन व हिंदुस्तानी फर्स्ट एंड हिंदुस्तानी बेस्ट के संयोजक बिलाल उर रहमान ने उप्र में बदलावों का दावा करते हुए कहा कि योगी सरकार ने मदरसा को कंप्यूटरीकृत किया। दीनी तालीम के साथ दुनियावी शिक्षा भी दी जा रही है। मेवात विकास बोर्ड के पूर्व चेयरमैन व मंच में युवा मामलों के प्रभारी खुर्शीद राजका ने कहा कि युवाओं को रोजगार देने, स्वरोजगार से जोड़ने और शिक्षित बेरोजगारों को मासिक भत्ता देने के साथ सरकार ने 25 लाख रुपये त की ऋण योजना चलाई है।

महिला मोर्चा की राष्ट्रीय संयोजिका शालिनी अली ने मुसलमानों और मुस्लिम महिलाओं से भाजपा के लिए खुलकर मतदान करने की अपील करते हुए कहा कि मोदी सरकार ने तीन तलाक पर कानून बना कर मुस्लिम महिलाओं को आजादी से जीने का अधिकार दिलाया है।

दिल्ली राज्य संयोजक हाफिज साबरीन ने बताया कि विवाह के लिए महिलाओं की उम्र 21 साल करने की बात कर के सरकार ने बहुत अच्छा कदम उठाया है। निशा जाफरी ने सरकार द्वारा बनवाए गए शौचालयों का जिक्र करते हुए कहा कि इससे महिलाओं को बड़ी राहत मिली है।

Edited By: Prateek Kumar