नई दिल्ली [संतोष कुमार सिंह]। भाजपा विधायकों ने विधानसभा का मानसून सत्र कम से कम पांच दिन करने की मांग की है। इसे लेकर विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि 29 जुलाई से शुरू होने वाला सत्र सिर्फ दो दिनों का है। दिल्ली से संबंधित मुद्दों पर चर्चा के लिए यह पर्याप्त नहीं है, इसलिए इसकी अवधि बढ़ाने की जरूरत है। विधानसभा अध्यक्ष से मुलाकात के बाद विधायकों ने प्रेस वार्ता को संबोधित किया।

कुछ विषयों को लेकर भाजपा ने विधानसभा अध्यक्ष से की चर्चा की मांगः रामवीर सिंह बिधूड़ी

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा कि भाजपा विधायकों ने कई विषयों पर अल्पकालिक चर्चा कराने का नोटिस दिया है। दिल्ली में पानी का गंभीर संकट है। स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी है। प्रदूषण की समस्या गंभीर है। दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) की सभी बसों की उम्र पूरी होने से परिवहन व्यवस्था पर गंभीर संकट छाया हुआ है। बुजुर्गों को पेंशन नहीं मिल रही। कोरोना की दूसरी लहर में स्वास्थ्य सेवा पूरी तरह चरमरा गई और दिल्ली में बड़े नालों की सफाई न होने से मानसून में दिल्ली फिर डूब रही है। विधानसभा अध्यक्ष से इन सभी विषयों पर चर्चा का अनुरोध किया गया है।

भाजपा का आरोप- जनहित के टाॅपिक उठाने की अनुमति नहीं दी जाती

उन्होंने कहा कि भाजपा विधायक जिस विषय पर भी चर्चा का नोटिस देते हैं, उसपर चर्चा की अनुमति नहीं दी जाती। उम्मीद है कि मानसून सत्र में भाजपा विधायकों को जनहित के मुद्दे उठाने से रोका नहीं जाएगा। जनता को यह उम्मीद होती है कि उसकी समस्याओं पर विधानसभा में चर्चा कर उनका समाधान किया जाएगा। इसे ध्यान में रखकर विधानसभा सत्र का सदुपयोग दिल्ली की समस्याओं को हल करने के लिए किया जाना चाहिए। विधानसभा कार्यवाही की लाइव कवरेज भी होनी चाहिए। इस मौके पर विधायक विजेंद्र गुप्ता, मोहन सिंह बिष्ट, ओमप्रकाश शर्मा, जितेंद्र महाजन, अनिल वाजपेयी, अजय महावर और अभय वर्मा भी मौजूद थे।

Edited By: Prateek Kumar