गाजियाबाद, जेएनएन। दिलशाद गार्डन से न्यू बस अड्डा तक बन चुके मेट्रो कॉरिडोर की संशोधित डीपीआर पर अगले सप्ताह में केंद्रीय कैबिनेट की मुहर लग सकती है। लोक निवेश बोर्ड (पीआइबी) ने पिछले महीने हुई बैठक के मिनट्स के साथ अपनी सहमति केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय को केंद्रीय कैबिनेट के समक्ष प्रस्तुत करने के लिए भेज दी है। जीडीए वीसी कंचन वर्मा ने बताया कि अगले सप्ताह तक मंजूरी मिलने की उम्मीद है। ऐसा होते ही इस मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए केंद्र सरकार से 324.88 करोड़ रुपये का अंशदान मिलने का रास्ता साफ हो जाएगा। सब कुछ सही रहा तो इस माह के अंत तक कॉरिडोर पर मेट्रो का संचालन शुरू हो सकता है।

मेट्रो रेड लाइन के इस कॉरिडोर की लंबाई 9.41 किलोमीटर है। इस पर आठ स्टेशन बनाए गए हैं। इसके निर्माण में 1780 करोड़ रुपये की लागत आई है। पिछले वर्ष 19 दिसंबर को दिल्ली स्थित केंद्रीय सचिवालय में इस मेट्रो कॉरिडोर की संशोधित डीपीआर पर पीआइबी की बैठक में चर्चा हुई थी। उसमें पीआइबी सदस्यों ने सैद्धांतिक सहमति जाहिर कर दी थी। उस बैठक के मिनट्स सहमति पत्र के साथ केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय को केंद्रीय कैबिनेट के समक्ष प्रस्तुत करने के लिए भेजा गया है। केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी के बगैर कॉरिडोर तैयार होने के बावजूद मेट्रो रेल का संचालन संभव नहीं। उनकी मंजूरी के बाद ही कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी फाइनल ट्रायल करेंगे। उसके बाद ही मेट्रो का संचालन शुरू करना संभव हो पाएगा।

एक वर्ष से ज्यादा की देरी
कॉरिडोर के निर्माण में एक वर्ष की देरी हुई है। समय से काम पूरा हो जाता तो दिसंबर 2017 में इस कॉरिडोर पर मेट्रो रेल दौड़ने लगती। निर्माण कार्य में देरी के चलते डेडलाइन को बढ़ाकर मार्च 2018 कर दिया गया। फिर भी कार्य नहीं हुआ तो जून 2018, फिर सितंबर 2018 और नवंबर 2018 डेडलाइन रखी गई।

कॉरिडोर पर स्टेशन
शहीद नगर, राजबाग, राजेंद्र नगर, श्याम पार्क, मोहननगर, अर्थला, हिंडन रिवर, नया बस अड्डा

कॉरिडोर से जुड़े फैक्ट

  • 17 जून 2014 को कॉरिडोर का निर्माण कार्य शुरू हुआ
  • 9.41 किलोमीटर के कॉरिडोर पर आठ स्टेशन बनाए गए हैं
  • यह कॉरिडोर रिठाला तक मेट्रो की रेड लाइन का हिस्सा बनेगा 
  • इसके शुरू होने पर रेड लाइन की लंबाई 34.50 किलोमीटर हो जाएगी

कंचन वर्मा (वीसी, जीडीए) ने कहा कि पीआइबी ने दिलशाद गार्डन से न्यू बस अड्डा मेट्रो कॉरिडोर की संशोधित डीपीआर पर सहमति जताते हुए फाइल केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय को सौंप दी है। अगले सप्ताह तक केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी मिलने की उम्मीद है।  

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