नई दिल्ली [निहाल सिंह]। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली (संशोधन) 2021 लागू होने के बाद उपराज्यपाल ही अब सरकार हैं। ऐसे में निगम को दिल्ली सरकार से अब तक न तो अनुदान मिला है और ना ही अतिरिक्त सहायता। जिसकी वजह से निगम कर्मचारियों का तीन माह तक वेतन बकाया हो गया है। इस पर लगातार कर्मचारी संगठन महापौर ने वेतन की मांग कर रहे हैं। इस पर महापौर ने उपराज्यपाल से गुहार लगाई है। उत्तरी दिल्ली के महापौर जय प्रकाश ने इसको लेकर पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने उपराज्यपाल से नियमानुसार मिलने वाला अनुदान दिलाने की मांग की है साथ ही एक हजार करोड़ रुपये का कोरोना से निपटने के लिए विशेष पैकेज देने की मांग की है।

उत्तरी दिल्ली के महापौर जय प्रकाश ने पत्र में लिखा है कि उन्होंने दिल्ली सरकार और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से आग्रह किया था कि उन्हें निगमों के मिलने वाले अनुदान की किस्त को तुरंत जारी किया जाए। लेकिन, अभी तक कुछ भी नहीं आया है। जबकि निगम कोरोना महामारी के बीच 400 बिस्तर के अस्पतालों को चला रहे हैं बल्कि साफ-सफाई से लेकर सैनिटाइजेशन का कार्य कर रहे हैं।

महापौर ने बताया कि उन्होंने उपराज्यपाल से आग्रह किया है कि वह अधिकारियों को फंड जारी करने के आदेश दें। साथ ही एक हजार करोड़ का विशेष पैकेज दे।  महापौर ने बताया कि दिल्ली सरकार से निगमों को तीन किस्तों में अनुदान आता है। पहला अप्रैल माह में आ जाना चाहिए, लेकिन मई का एक सप्ताह पूरा हो चुका है अभी तक सरकार ने अनुदान जारी नहीं किया। जिससे कर्मचारियों दो से तीन माह का वेतन बकाया हो गया है। जबकि निगम को 460 करोड़ रुपये की पहली किस्त आनी चाहिए थी। उल्लेखनीय है कि अप्रैल माह में दक्षिणी निगम ने भी दिल्ली सरकार से तीन किस्तों में मिलने वाले अनुदान की दो किस्त एडवांस में जारी करने का आग्रह किया था। लेकिन, दक्षिणी निगम को भी अभी तक फंड नहीं मिला है। जिसकी वजह से वहां पर भी कर्मचारियों के वेतन बकाया होना शुरू हो गया है। पहले जहां माह की पहली तारीख को ही वेतन आ जाता था अब 20-25 तारीख के बीच में वेतन जारी हो रहा है। मालूम हो कि उत्तरी निगम में सफाई कर्मचारियों व पैरामेडिकल स्टाफ का जहां दो माह का वेतन बकाया है तो वहीं डाक्टर और शिक्षकों का तीन माह का वेतन बकाया हो गया है। वहीं, तीन माह से सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पेंशन भी नहीं मिली है।

ये राजनीति करने का वक्त नहीं

अगर, मदद मांगनी है तो केंद्र से मांगे दिल्ली सरकार पर पहले ही राजस्व को लेकर दिक्कत है। इस समय राजनीति नहीं होनी चाहिए।

विकास गोयल, नेता प्रतिपक्ष, उत्तरी निगम